सफ़ेद पीठ वाला गिद्ध घायल अवस्था में मिला..
आज सुबह लगभग 9:00 बजे, हजारीबाग पूर्वी वन प्रमण्डल के अंतर्गत आने वाले बगोदर वन प्रक्षेत्र के विष्णुगढ़ के जमनीजारा गांव में एक घायल गिद्ध की सूचना मिली।
गिद्ध देखने गए लोग उसके पीठ पर ढाका का बैंड लगा देख, तरह -तरह की बातें करने लगे कोई शेख हसीना को खोजने की बात कहने लगा तो कोई इसे पाकिस्तान से छोड़ा गया जासूस गिद्ध बता वीडियो बनाने में जुट गए।
सूचना मिलते ही वन प्रक्षेत्र के अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिद्ध को सुरक्षित रूप से प्रक्षेत्र कार्यालय पहुंचाया।
जांच के दौरान पाया गया कि गिद्ध पर एक सोलर रेडियो कॉलर लगा हुआ है। इस रेडियो कॉलर पर “If found Please Contact, john.mallord@rspb.org.uk, OT.504G s/n: 236226″। इसके अलावा, पक्षी के पंजे पर एक धातु की रिंग भी मिली, जिस पर “GPO BOX-2624 DHAKA, B67” लिखा है।

विशेषज्ञों ने बताया
सफेद पीठ वाले गिद्ध (Gyps bengalensis) के रूप में की गई, जो वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 के अंतर्गत Schedule-1 की श्रेणी में आता है। यह गिद्ध भारत में अत्यंत विलुप्तप्राय पक्षियों में से एक है। इस संबंध में बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (BNHS) से संपर्क करने पर जानकारी मिली कि उक्त पक्षी की रेडियो टैगिंग रॉयल सोसाइटी फॉर द प्रोटेक्शन ऑफ बर्ड्स (RSPB), यूके द्वारा की गई थी।
RSPB, UK द्वारा इस गिद्ध की टैगिंग ढाका स्थित टीम द्वारा 15 मई, 2024 को की गई थी। इस टैगिंग का उद्देश्य इस गंभीर रूप से संकटग्रस्त पक्षी की सतत् निगरानी करना है। टैगिंग के बाद, 8 अगस्त, 2024 को यह गिद्ध हजारीबाग जिले के कोनार डैम में पहुंचा, इससे पहले इसने कुल 1214 किलोमीटर की दूरी तय की और 921 मीटर की अधिकतम ऊँचाई प्राप्त की।
गिद्ध के घायल मिलने की सूचना के बाद, वन विभाग ने इसे चिकित्सा लाभ के लिए अपनी निगरानी में ले लिया है। फिलहाल, वन्यजीव चिकित्सकों और विशेषज्ञों की एक टीम इस गिद्ध के स्वास्थ्य की नियमित जांच कर रही है, और उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। विभाग ने जनता से अनुरोध किया है कि वे इस घटना के बारे में कोई भ्रामक सूचना न फैलाएं, क्योंकि पक्षी की स्थिति नियंत्रण में है और उसे आवश्यक देखभाल दी जा रही है।
