दैनिक खबर डेस्क
हज़ारीबाग:-रामनवमी के तीसरे दिन खिरगांव के बाकर गली में हुए प्रभात साव हत्याकांड में पुलिस का 15 दिन में भी हाथ खाली है। नाराज परिजनों ने रविवार को शहर में आक्रोश मार्च निकाला और पुलिस के खिलाफ हल्ला बोल अभियान चलाया परिजनों का आरोप था कि पूरे मामले में पुलिस मौन है । पूर्व में भी बाकर गली में रात के अंधेरे में इस तरह की कई घटनाएं हो चुकी है। आक्रोश मार्च फिर गांव के नमस्कार चौक से प्रारंभ होकर झंडा चौक पहुंची और फिर बड़ा बाजार थाना होकर लौट गई।

बड़ी संख्या में शामिल महिलाएं व पुरुष हाथों में तख्ती लिए हुए प्रभात 100 हत्याकांड की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे। बताया कि साजिश के तहत आखिर कौन बाकर गली में रात के अंधेरे में हिंदुओं पर हमला करता है और गायब हो जाता है । ज्ञात हो कि मुजफ्फरपुर में एक फैक्ट्री में काम करने वाला 23 वर्षीय प्रभात साव हजारीबाग में महारामनवमी जुलूस में शामिल होने आया था। विजयादशमी के तीसरे दिन बाद रात करीब 8:00 बजे बाकर गली में गंभीर रूप से घायल पाया गया था। उसके सर पर गंभीर चोटे और यह आशंका जताया जा रहा था कि किसी ने उनके सर पर तेज धारदार हथियार से हमला किया है। आनन-फानन में परिजन ने उठाकर अस्पताल ले गए थे। प्राथमिक चिकित्सा के बाद उसे रांची रेफर कर दिया था। रांची ले जाने के दौरान उसकी मौत हो गई थी।। मौत के बाद घटना से नाराज लोगों ने एन एच 100 को जाम कर दिया था, पूरे मामले में पुलिस अविलंब कार्रवाई करने की बात कही थी। परंतु 15 दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। प्रभात के माता पिता का पूर्व में ही मौत हो चुकी है।

देर रात तक लगता है बाकर गली में आवारा गर्दों का जमावड़ा
आक्रोश मार्च में शामिल लोगों ने यह भी जानकारी दी की बाकर गली में देर रास्ता का आवारा किस्म के लोगों का जमावड़ा लगता है। यहां तोला, ठेला पर नशा के समान बेचे जाते हैं। आरोप लगाया कि नशा के कारोबार करने वाले लोगों ने ही शायद प्रभात की हत्या कर दी। बताया कि नशेड़ियों के कारण बहू बेटियां भी सुरक्षित नहीं है और हमेशा डर बना रहता है जानकारी अनुसार बाकर गली में इससे पहले भी एक हिंदू की हत्या कर दी गई थी उस मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
