“आजादी का अमृत महोत्सव” के तहत जिला प्रशासन हजारीबाग के द्वारा साइबर क्राइम को ले कर विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को किया जागरूक

साइबर सेफ्टी एंड नेशनल सिक्योरिटी प्रोग्राम 8 जून से 17 जून तक चलने वाले साइबर सेफ्टी एंड नेशनल सिक्योरिटी प्रोग्राम के तहत हजारीबाग जिला प्रशासन के द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन

गृह मंत्रालय भारत सरकार एवं अपराध अनुसंधान विभाग झारखंड, रांची के संयुक्त तत्वाधान में “आजादी का अमृत महोत्सव” के तहत जिला प्रशासन के द्वारा लोगों को साइबर क्राइम से बचने के लिए एवं कई प्रकार के साइबर ठगी के शिकार नहीं होने के लिए विभिन्न जगहों पर विभिन्न कार्यक्रमों को आयोजित कर लोगों को सजग व जागरूक किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक मनोज रतन चौथे के द्वारा झील परिसर में एक दौड़ आयोजित कर के साइबर क्राइम के लिए लोगों को जागरूक किया गया व हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रथ को रवाना किया गया । इसके बाद झील परिसर में स्थित कैफिटेरिया में जागरूकता शिविर लगाकर लोगों को जागरूक किया गया । इसमें जिला के तमाम पुलिस पदाधिकारी के साथ साथ भारी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया ।

एनएसडी नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को किया जागरूक

जागरूकता कार्यक्रम के तहत एन एस डी टीम के द्वारा शहर के झंडा चौक में नुक्कड़ नाटक कर लोगों को जागरूक किया गया । एन एस डी टीम के द्वारा विभिन्न नाट्य मंचन कर आज हो रहे कई प्रकार के साइबर अपराधों से बचने का संदेश दिया । इस को काफी संख्या में लोगों ने देखा और जागरूक हुए । नुक्कड़ नाटक के द्वारा किए जाने वाले गलतियों को नहीं करने और ठगी के शिकार से बचने के संदेश को देकर लोगों को जागरूक किया गया

साइबर ठगी से बचने के लिए ई बुक लॉन्च किया गया

जिला समाहरणालय परिसर में उपायुक्त सभागार में हजारीबाग उपायुक्त नैंसी सहाय व पुलिस अधीक्षक मनोज रतन चौथे के द्वारा साइबर क्राइम अवेयरनेस पर सेमिनार आयोजित कर तमाम पुलिसकर्मियों को भी कई प्रकार की महत्वपूर्ण जानकारियां दी एव ई बुकलेट को लांच किया । इस ई बुकलेट में साइबर अपराध से जुड़ी तमाम जानकारियां दी गई है । कैसे लोग ठगी का शिकार होते हैं , साइबर ठगों के द्वारा लोगों को ठगने के लिए किन तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है, अभी कौन कौन से ठगी की प्रक्रिया ज्यादा चल रही , विशेष कर महिलाओं के लिए कि कैसे महिलाएं साइबर अपराध का शिकार हो जाती हैं । इन सारे चीजों से बचने व सतर्क रहने की तमाम जानकारियां इस बुकलेट में समाहित की गई है और अगर आप साइबर अपराध का शिकार हो गए हैं तो क्या करें, कहां शिकायत करे । इन सब चीजों की भी इसमें विस्तृत जानकारियां दी गई है, ताकि लोग ज्यादा से ज्यादा लाभान्वित हो कर जागरूक हो जाएं और साइबर अपराध से बचे रहें ।

साइबर क्राइम के विभिन्न तरीकों से खुद को सुरक्षित रख सके

सीसीआर डीएसपी के द्वारा साइबर क्राइम अवेयरनेस पर प्रजेंटेशन दिया गया और विभिन्न साइबर अपराधों के बारे में लोगों को स्क्रीन पर बतलाया और इससे बचने व सतर्क रहने हेतु जागरूक किया । वहीं पुलिस अधीक्षक मनोज रतन चौथे के द्वारा बताया गया कि अभी पूरे देश में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है , जिसके तहत गृह मंत्रालय भारत सरकार व अपराध अनुसंधान विभाग झारखंड , रांची के संयुक्त तत्वाधान में जिला प्रशासन के सहयोग से साइबर क्राइम जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया है और यह एक सप्ताह तक चलेगा । हमारा लक्ष्य यह है कि अधिक से अधिक लोग हमारे द्वारा चलाए जा रहे इस कार्यक्रम से अधिकाधिक लाभान्वित हो और ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक किया जा सके । ताकि लोग भविष्य में कभी भी साइबर क्राइम के विभिन्न तरीकों से खुद को सुरक्षित रख सके व ठगी का शिकार न हों ।

नुक्कड़ नाटक चलाएं गए जागरूकता अभियान की सभी ने सराहना की

एंटरटेनमेंट कल्चरल ग्रुप के द्वारा कोर्रा चौक पर नुक्कड़ नाटक कर के लोगो को साइबर अपराध संबंधित कई प्रकार की महत्वपूर्ण जानकारियां अपने नाट्य मंचन के माध्यम से दी । इसके कोर्रा चौक , मटवारी में रह रहे विद्यार्थियों ने इसका लाभ उठाया और साइबर क्राइम से बचने व सतर्क रहने के लिए जागरूक हुए । इसके बाद संध्या में हो एंटरटेनमेंट कल्चरल ग्रुप के द्वारा ही त्रिमूर्ति चौक झील परिसर पर नुक्कड़ नाटक आयोजन करके लोगों को साइबर क्राइम पर जागरूक किया गया । यह कार्यक्रम मुख्यत: तेजी से बढ़ रहे साइबर क्राइम को रोकने ,इससे लोगों को बचने को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए जिला प्रशासन के द्वारा करवाया गया । इस कार्यक्रम की सराहना सभी लोगो ने किया । स्थानीय लोगो ने जिला प्रशासन एव तमाम पुलिस पदाधिकारियों की प्रशंसा की और कहा कि इस तरह का कार्यक्रम का आयोजन होते रहना चाहिए ताकि लोग जागरूक हो सके ।

जागरूकता रथ,नुक्कड़ नाटक,एक दिवसीय कार्यशाला, प्रेस वार्ता सहित साइबर सुरक्षा संबंधी जागरूकता पुस्तिका का भी किया गया विमोचन

समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नैंसी सहाय, पुलिस अधीक्षक मनोज रतन चौथे, प्रशिक्षु आईपीएस ऋषभ गर्ग, सदर अनुमंडल पदाधिकारी विद्याभूषण कुमार एवं डीएसपी आरिफ इकराम की संयुक्त मौजूदगी में साइबर सुरक्षा संबंधी जागरूकता पुस्तिका का विमोचन किया गया। इस अवसर पर मौजूद मीडिया,पुलिस के अधिकारी एवं आम नागरिक को साइबर क्राइम से जुड़े विभिन्न जानकारियों को साझा किया गया। मौके पर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आमजनों को साइबर क्राइम से जुड़े मामले पर सुरक्षात्मक कदम उठाने एवं जागरूकता फैलाने के उद्देश्य यह कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज झील परिसर से एक जागरूकता रथ को भी रवाना किया साथ ही विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन मसलन नुक्कड़ नाटक, एक दिवसीय कार्यशाला, प्रेस वार्ता कर बढ़ते साइबर क्राइम के सुरक्षात्मक उपाय एवं बचाव से संबंधित अनेकों कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

उपायुक्त ने कहा सतर्कता की जरूरत है


मौके पर उपायुक्त ने भी उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि साइबर सिक्योरिटी जागरूकता एक महत्वपूर्ण विषय है इसलिए सभी डिजिटल माध्यमों का प्रयोग करते समय सतर्कता बरतना आवश्यक है। डिजिटल युग में चीजें आसान हुई हैं लेकिन जानकारी के अभाव में खतरे भी बढ़ गए हैं। उन्होंने कहा की साइबर क्राइम से जुड़े ज्यादा मामले घरेलू महिलाएं व बच्चों में देखे जाते है अपराधी प्रवृत्ति के लोग इन्हें टारगेट करते हैं। इसीलिए किसी भी परिस्थिति में पर्सनल डिटेल फोन के माध्यम से साझा ना करें साथ ही दूसरों को भी इस ओर प्रेरित करें।
इस कार्यक्रम में डीएसपी आरिफ इकराम में साइबर क्राइम से जुड़े मामलों,उनके सुरक्षात्मक उपाय एवं जानकारियों एवं उनके विभिन्न अवयवों को विस्तारपूर्वक समझाया।

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