कोरोना संक्रमण के साए में पूरी दुनिया में हर एक गतिविधियां ठप पड़ी थी. विश्वव्यापी संकट में पिछले 4 महीनों से क्रिकेट में एक भी गेंद नहीं फेंकी गई. आखिरकार क्रिकेट इतिहास का पहला टेस्ट मैच खेला जा रहा है जहां ना दर्शक होंगे ना शोर शराबा. कोरोना संक्रमण के मद्देनजर नियमों में बदलाव करते हुए तीन टेस्ट मैचों की सीरीज इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच साउथेंप्टन में आज 8 जुलाई से शुरू हो गई.

कोरोना कहर के पूर्व आखिरी मैच ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच 13 मार्च को वन डे प्रारूप में खेला गया था, जिससे आस्ट्रेलिया ने 71 रनों से जीता था, बाद के मैचों को रद्द कर दिया गया था.

तीन टेस्ट मैचों की खेले जाने वाली सीरीज का पहला मैच इंग्लैंड बनाम वेस्टइंडीज आज 4 महीने बाद साउथेंप्टन में शुरू हुआ. बारिश की दखल से देर से शुरू हुई मैच का पहला दिन इंग्लैंड की बल्लेबाजी से शुरू हुआ जिसे बगैर दर्शकों और शोर-शराबा के बगैर खेला जा रहा है .पूरी सीरीज बायो सिक्योर वातावरण में होगी.

कोरोना के बीच क्रिकेट की वापसी हो रही है

4 महीने बाद शुरू हुए क्रिकेट मैच में कोरोना संक्रमण संबंधी तमाम एहतियात बरतें गए हैं. कोरोना का प्रभाव खाली पड़े स्टेडियम बगैर दर्शकों के हो रहे मैच को देखकर समझा जा सकता है. क्रिकेट में जश्न का दौर कुछ दिनों के लिए थमा रहेगा खिलाड़ी विकेट गिरने पर जश्न के तौर पर एक-दूसरे को गले नहीं लगा पाएंगे. बाल ब्वॉय भी क्रिकेट के मैदान से नदारद रहेंगे. खिलाड़ियों को थोड़ी मशक्कत और करनी पड़ेगी. आईसीसी द्वारा जो सबसे बड़ी बदलाव क्रिकेट के नियमों को लेकर की गई है वह है गेंद पर लार लगाने को बैन कर दिया गया है.

आगे जानिए कोरोना के साए में कैसा होगा नया क्रिकेट

मैच के दौरान कॉमेंटेटर बॉक्स की तस्वीर
आईसीसी द्वारा गेंद पर लार लगाना बैन कर दिया है अक्सर गेंदबाज, साथी खिलाड़ी बॉल को चमकाने व स्विंग प्राप्त करने के लिए गेंद पर लार का इस्तेमाल करते हैं दो बार अंपायर द्वारा चेतावनी मिलने के बाद गेंद के लार इस्तेमाल करने पर 5 अतिरिक्त रन बल्लेबाजी टीम को दिए जाएंगे.
क्रिकेट के मैदान पर बॉल ब्वॉय नजर नहीं आएंगे अब रिजर्व खिलाड़ी ही हैंड ग्लव्स डालें बाउंड्री के बाहर गई गेंदों को वापस करेंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी अंपायर के ऊपर होगी.
मैच के दौरान खिलाड़ी के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर कोरोना सब्सीट्यूट के रूप में दूसरा प्लेयर मैदान में आ सकता है
क्रिकेट के मैदान में जश्न मनाने के तरीके में बदलाव हुआ है अब हाथ या गले लगने के बजाय कोहनी मिलाकर खिलाड़ियों को जश्न मनाना होगा
अक्सर मैच के दौरान खिलाड़ी खासकर गेंदबाज अपनी कैप स्वेटर अंपायर को सौंपते हैं. कोरोना के मद्देनजर खिलाड़ियों को अपनी समान अब  मैदान के बाहर रखना होगा  और खिलाड़ी अब एक दूसरे  का कैप या कोई अन्य चीजें इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे.
विकेट पर रखी गिलिया तक होंगी सैनिटाइज. ब्रेक के दौरान अंपायर इसकी जिम्मेदारी निभाते हुए बेल्स को खुद करते रहेंगे सैनिटाइज. मैच के दौरान 70 ऑटोमेटेड सेंसर सैनिटाइजर की व्यवस्था रखी गई है
टॉस के दौरान कप्तान एक दूसरे से हाथ नहीं मिला पाएंगे साथ ही मैदान पर कप्तान और मैच रेफरी के अलावा बाकी लोग 20 मीटर की दूरी पर होंगे

चित्र सौजन्य: सोशल मीडिया

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