हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल, एचएमसीएच 31 अगस्त 2019 को आरंभ हुआ

हजारीबाग मेडिकल कॉलेज का प्रथम सत्र 71 मेडिकल छात्रों के साथ प्रारंभ हुआ

हजारीबाग मेडिकल कॉलेज में अभी 100 सीटें हैं

मेडिकल कॉलेज आरंभ करने के पूर्व सरकार का सुप्रीम कोर्ट को कमिटमेंट होता है जिसमें मेडिकल कॉलेज को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) के सारे मानकों पर खरा उतरना होता है.

बात दो महीने पूर्व की है 15 16 नवंबर मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम एचएमसीएच का निरीक्षण किया था, जांच के क्रम में बहुत सारी खामियां उजागर हुई, उन खामियों को 2 माह के अंदर पूरा करने का अल्टीमेटम दिया गया. एमसीआई ने मेडिकल कॉलेज की बुनियादी सुविधाओं से लेकर उच्च कोटि तक की सारी सुविधाओं की जांच परख की, जांच टीम ने 37 खामियां को उजागर किया था और प्रबंधन को 2 महीने के भीतर सारी 37 खामियों को दुरुस्त करने का अल्टीमेटम दिया था. जांच के क्रम में एमसीआई की टीम को एचएमसीएस से निराशा ही हाथ लगी.

2 महीने के अल्टीमेटम के बावजूद फिलहाल 37 खामियों में मात्र 4 पर ही काम हो पाया है

कॉलेज प्रबंधन व सरकार को मामले को गंभीरता से लेना होगा, छात्रों के भविष्य सुनिश्चित करने के लिए एमसीआई के मानकों के अनुरूप मेडिकल कॉलेज में बदलाव व सुधार करने होंगे.

एमसीआई ने जांच के क्रम में ओटी में ऑपरेशन बंद करवा दिया था, निरीक्षण में पाया गया प्रबंधन जिसे ऑपरेशन थिएटर बता रही थी दरअसल मानकों पर था ही नहीं बावजूद यहां काफी संख्या में मरीजों के ऑपरेशन हो रहे थे

एमसीआई जांच के क्रम में जो छोटी बड़ी खामियां उजागर हुई

मेडिकल कॉलेज में निर्धारित 300 सीट, पाया गया 230- 70 की कमी

69 फैकेल्टी में 22 फैकल्टी की कमी

22 रेजिडेंट डॉक्टर की कमी

माइक्रोबायोलॉजी हिस्टोपैथोलॉजी में एक भी केस स्टडी का ना होना

कॉलेज लाइब्रेरी का पूरा अस्तित्व में ना आना, निर्माणाधीन

नर्स हॉस्पिटल का ना होना

ENT ओपीडी में स्पीच थेरेपी मशीन का नहीं होना कान के टेस्ट की मशीन की सुविधा भी उपलब्ध नहीं

मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बनाया गया वार्ड एमसीआई के मानकों के अनुरूप नहीं शिशु रोग विभाग के ओपीडी का शुरुआत होना बाकी है

खून में ऑक्सीजन की मात्रा चेक करने की सुविधा बहाल नहीं

इमरजेंसी वार्ड का ऑक्सीजन पाइप लाइन अभी तक उपलब्ध नहीं

मेडिकल रेडियो डिपार्टमेंट में कंप्यूटराइजेशन का काम बाकी

37 खामियों में जो थोड़े बहुत सुधार हुए खराब लिफ्ट को बदल दिया गया परिसर में पेवर ब्लॉक का काम हो रहा है, पर्ची काउंटर तैयार है, सर्जरी विभाग में काम आरंभ है, कुष्ठ विभाग का काउंटर बनाया गया

जांच में मिली खामियों को जल्द से जल्द एमसीआई के मानकों के अनुरूप सुधार नहीं किया गया तो मेडिकल कॉलेज की सीटों को कम करने से लेकर कॉलेज की मान्यता तक रद्द हो सकती है. अगले महीने फरवरी में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया फिर से एचएमसीएच आएगी.

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