विश्वव्यापी कोरोना संकट, समस्याएं अनंत हैं, विकल्प सीमित. जान माल की हिफाजत के लिए लॉकडाउन की वैक्सीन दी गई, आर्थिक सामाजिक गतिविधियां ठप हो जाना जैसे बेहद गंभीर दुष्परिणाम हुए. सड़कों से लेकर घरों तक जिंदगीयां प्रभावित होने लगी. लोगों ने मदद की गुहार भी लगाई. बात कर रहे हैं लॉक डाउन में प्रभावित थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों की. उनकी जिंदगी बचाने के लिए हर छोटे अंतराल पर ब्लड की आवश्यकता होती है, 10 से 15 दिनों के अंतराल पर बच्चों को ब्लड चढ़वाना पड़ता है.
लॉक डाउन के चौथे चरण आते-आते तक समस्या ने विकराल रूप ले लिया, ब्लड बैंक में ब्लड की उपलब्धता ना के बराबर हो गई. कई जगह लोगों की, बच्चों की, मदद पहुंचाने के उद्देश्य से व्यक्तिगत रूप से या शिविर के माध्यम से ब्लड डोनेट किया जाने जाने लगा. इसी क्रम में बुधवार को एक कड़ी हजारीबाग सदर प्रखंड हुटपा पंचायत तरवा खरवा के युवाओं ने रेड क्रॉस सोसायटी के संयुक्त तत्वाधान में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए रक्तदान शिविर का आयोजन कर जोड़ दिया . तरवा खरवा एक्टिव युवा समिति के अध्यक्ष चिंटू सिंह व उनके साथियों के सहयोग से थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए 10 यूनिट ब्लड डोनेट किया गया.
जानकारी को बता दे थैलेसीमिया एक ऐसी बीमारी है जो बच्चों में जन्म से पाई जाती है जिसमें पीड़ित बच्चे को हर 15 दिन में ब्लड की आवश्यकता होती है, वैसे बच्चे को तो नियमित रूप से ब्लड की जरूरत होती है जो बोन मैरो ट्रांसप्लांट का इंतजार में होते हैं और यह जरूरत तब तक होती है जब तक बोन मैरो ट्रांसप्लांट हो नहीं जाता. बने हालात में रक्तदान करने वाले लोग थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए किसी मसीहा से कम नहीं.

मौके पर मौजूद जाने-माने समाजसेवी सह भाजपा नेता प्रदीप प्रसाद ने युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए रक्तदान के लिए प्रोत्साहित किया. युवा वर्ग की पीड़ित बच्चों के प्रति संवेदनशीलता के लिए उन्हें बधाई दी. उन्होंने कहां कोरोना के इस विपदा में जहां समस्या इतनी बड़ी है हर किसी को जिम्मेदारी निभानी पड़ेगी, खासकर युवा वर्ग से अपील की युवा संदेशवाहक बन दिशा निर्देशों का पालन करते हुए संक्रमण से बचाव हेतु लोगों को जागरूक करें. अपने गांव पंचायत में लॉक डाउन से प्रभावित गरीब लाचार की यथासंभव मदद करें..

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