रिपब्लिक आफ आयरलैंड में भी बजा भारतीय धर्म व हिंदुत्व का डंका , भारतीय प्रवासियों द्वारा स्थापित प्रथम भारतीय मंदिर का उद्घाटन , जानिए इसकी पूरी दास्तां

22 अगस्त 2020 का दिन ऐतिहासिक और गौरवमय रहा

रिपब्लिक आफ आयरलैंड में रह रहे 25 हजार से ऊपर हिंदू परिवारों को हिंदुस्तान में होने का होगा एहसास

आज भी सभ्यता संस्कृति व धर्म के क्षेत्र में भारत विश्व गुरु

सृष्टि के मानव के उदय काल से ही आर्यावर्त वर्तमान में भारत / हिंदुस्तान पौराणिक परम्परागत सभ्यता ,संस्कृतिव ,कला ,धार्मिक अस्मिता में विश्व का गुरु बना हुआ है. विश्व के कई देश इस आधुनिक और वैश्वीकरण के साथ-साथ पश्चिमी प्रभाव में भी भारतीय सभ्यता , संस्कृति और धार्मिक परंपरा के औचित्य व महत्व का कायल बने हुए हैं और इसको आत्मसात व अंगीकार कर रहे है .

भारतीय राम नाम दशकों से विदेशियों के लिए भी बना है शांति प्राप्ति का माध्यम

सुख समृद्धि और शांति के लिए भारत में सर्वग्राह्य व लोक आस्था का शब्द रामा रामा ,कृष्णा कृष्णा विश्व के कई देशों के धार्मिक आस्थावान व विचारधारा के लोगों के लिए उतना ही आस्था , विश्वास व भरोसेमंद बना हुआ है , जितना भारतीयों के लिए रामबाण. आज जीवन के आडंबर से थक हार सत्य और शांति की खोज में भटक रहे पश्चिमी देशों के हजारों नर नारियों को भगवा वस्त्र में भारत के तीर्थ स्थल व पर्यटन स्थलों पर विचरते व धूनी रमाकर रामा रामा कृष्णा कृष्णा की जाप करना ज्वलंत उदाहरण है . इससे बड़ा भारत के लिए धार्मिक आत्मश्लाधा व गौरव की बात दूसरी और क्या हो सकती है ?

प्रवासी भारतीयों में भी बसता है मिट्टी ,परंपरा और धर्म के प्रति अटूट आस्था विश्वास

भारत के लिए बड़े गौरव की बात है कि पश्चिमी देशों में रसे बसे व पश्चिमी रंगों में रंगे प्रवासी भारतीयों में भी भारत से सात समंदर पार रहने के बाद भी भारतीयों की ही भांति अपनी मिट्टी ,देश ,परंपरा ,संस्कृति और धर्म के प्रति आस्था विश्वास व प्रेम विराजमान रहना ,अपने पौराणिक परंपराओं ,रीति-रिवाजों को भारतीय की तरह ही मान सम्मान व तरजीह तवज्जो देना , भारतीय उत्सवों को पूरे श्रद्धा भक्ति और हर्षोल्लास के साथ सिलिब्रेट करना ,विदेशियों को भी इसे अपने जीवन विचार व आचरण में आत्मसात करने के लिए उत्प्रेरित करना भारतीय धर्म संस्कृति की उपेक्षा व अनादर पर सीना चौड़ा कर प्रतिकार करने में रच मात्र भी नही घबराना कतराना को भारतीय परंपरा , सभ्यता संस्कृति व धर्म की महिमा व अचूक प्रभाव नहीं तो और क्या संज्ञा दी जा सकती है ?यह सर्वग्राह्य और आत्म मंथन व विमोचन का निश्चित रूप से एक गूढ़ विषय है .

रिपब्लिक ऑफ आयरलैंड में प्रथम भारतीय मंदिर का हुआ उद्घाटन ,प्रफुल्लित प्रवासी हिंदू परिवार

प्रवासी भारतीयों का अपनी मिट्टी देश परंपरा और धर्म के प्रति अटूट आस्था विश्वास का ही एक सुखद परिणाम रिपब्लिक आफ आयरलैंड की राजधानी डबलिन में भारतीय प्रवासियों द्वारा स्थापित प्रथम भारतीय हिंदू मंदिर का उद्घाटन है , जो रिपब्लिक आफ आयरलैंड मे रहनेवाले हिंदू परिवारों के लिए हिंदू परंपरा को विश्व में स्थापित करने का एक सशक्त माध्यम बनने जा रहा है. हिंदू भारतीय प्रवासियों के मुताबिक 22 अगस्त 2020 का दिन ऐतिहासिक और गौरवमय रहा जब उन्होंने आयरलैंड की राजधानी डबलिन में रिपब्लिक आफ आयरलैंड की धरती पर स्थापित प्रथम हिंदू मंदिर का उद्घाटन देखने को मिला .

हिंदू सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक सुधांश शर्मा ने किया सपना साकार

रिपब्लिक ऑफ आयरलैंड की राजधानी डबलिन में स्थापित प्रथम भारतीय हिंदू मंदिर की स्थापना से पहले रिपब्लिक आफ आयरलैंड में रह रहे 25 हजार से ऊपर हिंदू परिवारों के लिए पूजा अर्चना करने के लिए कोई भी निश्चित स्थान नहीं था, सामुदायिक भवन व टाउन हॉल जैसी जगहों में अपनी परंपरागत पूजा आदि धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करना पड़ रहा था. वैदिक हिंदू सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक सुधांश शर्मा (लखनऊ, उत्तर प्रदेश निवासी) के दो दशकों के लंबे भगीरथ प्रयास से सुदूर देश में भी भारतीय हिंदू मंदिर की स्थापना का सपना साकार हो सका .

बहुउद्देशीय होगा यह मंदिर

रिपब्लिक आफ आयरलैंड की राजधानी डबलिन में प्रथम भारतीय हिंदू मंदिर की स्थापना के पीछे अन्य कई पुनीत उद्देश्य है. संस्थापक वैदिक हिंदू सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक सुधांश शर्मा की अग्रिम योजना इस मंदिर का प्रयोग पूजा प्रार्थना धार्मिक उत्सव ध्यान व योग के लिए किए जाने के साथ-साथ इस मंदिर के सौजन्य से एक इकोलॉजी प्रोजेक्ट का निर्माण किया जाएगा , जो आयरलैंड में वृहद वृक्षारोपण का कार्य करेगा साथ ही एक भोजन सुविधा केंद्र का भी गठन किया जाएगा जो बेघर व निराश्रित लोगों के लिए भोजन और सुविधा उपलब्ध कराएगा .

बक्सर (बिहार) निवासी रविनंदन सिंह ने बताया ऐतिहासिक क्षण

रिपब्लिक ऑफ आयरलैंड में कार्यरत व अपने परिवार के साथ रह रहे अप्रवासी रविनंदन प्रताप सिंह जो बिहार, बक्सर के निवासी हैं मंदिर की स्थापना एवं अविस्मरणीय पल से प्रफुल्लित हैं ,उन्होंने बताया हम सभी भारतीयों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक और गर्व प्रदान करने वाला है. इस मंदिर की स्थापना से हम सभी को अपने घर हिंदुस्तान से दूर एक घर के होने का अहसास होता रहेगा .हम सभी अपने बच्चों में अपने घर के संस्कार और आसानी से डाल पाएंगे.

रिपब्लिक ऑफ आयरलैंड की सरकार बधाई की पात्र है

भारतीय परंपरागत आस्था से अभिभूत कई अप्रवासियों में से एक रोहित श्रीवास्तव ने कहा- सुदूर देश मे हमारे संस्कारों, संस्कृति और परंपराओं के लिए समर्पित एक मंदिर का होना अपने आप में ही एक अविश्वसनीय लेकिन सुखद कल्पना थी जो आज वर्षों की मेहनत से साकार हो पाई है. इसके लिए यहाँ का भारतीय समुदाय, रिपब्लिक ऑफ आयरलैंड की सरकार बधाई की पात्र है.

वरिष्ठ पत्रकार व स्तंभकार प्रो0 धीरेंद्र नाथ सिंह दैनिक खबर, न्यूज़ रूम

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