एक के बाद एक विवाद में उलझ राही शिवसेना और इसके मुखिया सह महाराष्ट्र सरकार के सीएम उद्धव ठाकरे , सुशांत डेथ मिस्ट्री और बीएमसी का कंगना रनौत के ऑफिस पर बुलडोजर मामला की आंच ठंडी भी नहीं पड़ी और सुलग गया रिटायर्ड नेवी ऑफीसर की सरेआम सड़क पर शिव सैनिकों द्वारा दौड़ा-दौड़ा कर पीटने का मामला दुनिया कर रही सवालों का बौछार उद्धव ठाकरे को नहीं सूझ रहा कोई माकूल व तर्कसंगत जवाब , जाने इसके पीछे क्या है माजरा ?

भूतपूर्व नौसेना अधिकारी की पिटाई बना देशव्यापी सम्मान

सेना की उद्धव ठाकरे को दो टूक जबाब और खुली चुनौती

महामहिम राष्ट्रपति और राज्यपाल से मिलेगा सैनिकों का प्रतिनिधि मंडल

महाराष्ट्र सरकार के गठबंधन दलो की भी भूमिका कटघरे में खड़ी

महाराष्ट्रीयन पेपर सामना में जोर पकड़ता अलोकतांत्रिक भाषा की तीखी भर्त्सना

उद्धव ठाकरे के खिलाफ लगातार लंबी होती विरोधियों की कतार

महाराष्ट्र के सीएम और शिवसेना के मुखिया उद्धव ठाकरे का नहीं छूट रहा विवादों से पिंड

क्या उद्धव ठाकरे का ग्रह नक्षत्र व ज्योतिषीय गणना विपरीत तो नही चल रही है ?

अब तो यह भी चर्चा होने लगी है कि कहीं महाराष्ट्र सरकार के मुख्यमंत्री और शिवसेना के मुखिया उद्धव ठाकरे की ग्रह नक्षत्र व ज्योतिषीय गणना की स्थिति कहीं उल्टा व विपरीत तो नहीं चल रही है उद्धव ठाकरे के समक्ष एक विवाद का पटाक्षेप होने के पहले ही दूसरा विवाद सुरसा की भांति मुंह बाए खड़ा हो जा रहा है जो उद्धव ठाकरे के लिए यक्ष प्रश्न साबित हो रहा है . बढ़ते विवाद के कारण सवालों की फेहरिस्त और विरोधियों की कतार भी लगातार लम्बाई पकड़ रही है. उद्धव ठाकरे जाने अनजाने इस मकड़जाल में उलझते चले जा रहे हैं सवालों का माकूल व तर्कसंगत जवाब भी सूझ नहीं रहा है. इस ओर अदूरदर्शिता संवेदनहीनता संबाद हीनता व लाचारी बेवसी के पीछे कोई न कोई बड़ा छोटा कारण तो जरूर है परिलक्षित तौर पर राष्ट्रीयता हिंदुत्व एवं सत्य निष्ठा के हृदय सम्राट और लोकहित के पुनीत उद्देश्य से सुसंगठित शिवसेना के संस्थापक बाबासाहेब बाल ठाकरे के उत्तराधिकारी उद्धव ठाकरे इससे पहले कभी ऐसा नजर नहीं आए जैसा आज नजर आ रहे हैं . अब तो आम जनों में संदेश भी फैल रहा है की सुशांत डेथ मिस्ट्री और कंगना रन्नौत के ऑफिस पर नियम विरुद्ध बीएमसी का बुलडोजर प्रकरण से देशवासियों और मीडिया का ध्यान के हटाने व भंग करने का नाकाम कूटनीतिक प्रयास तो नहीं है.

शिव सैनिकों द्वारा रिटायर्ड नेवी ऑफिसर की पिटाई पर सेना में बेइंतहां उबाल

भूतपूर्व नौसेना अधिकारी मदन शर्मा की शिव सैनिकों द्वारा सरेआम सड़क पर दौड़ा-दौड़ा कर की गई बेरहम पिटाई और इससे गंभीर रूप से घायल रिटायर्ड नेवी ऑफिसर मदन शर्मा के प्रकरण पर महाराष्ट्र के सीएम और शिवसेना के मुखिया सहित मुंबई पुलिस की भूमिका पर डिफेंस सैनिकों के साथ-साथ सारा देश में भारी आक्रोश पूर्ण उबाल बवाल मच गया है. उद्धव ठाकरे इसके लिए पूर्ण जिम्मेवार ठहराया जा रहे हैं. भूतपूर्व सैनिक और वर्तमान सैनिक खुले रूप से चिंघाड़ते दहाड़ते फिर रहे हैं और शिवसेना और उद्धव ठाकरे को खुले रूप से ललकार भी रहे हैं और चुनौती दे रहे हैं इसे देश की अस्मिता और देश की संप्रभुता और अखंडता की सुरक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले राष्ट्र प्रहरियों के आत्म सम्मान स्वाभिमान पर गहरा अलोकतांत्रिक प्रहार ठहराते हुए इसके खिलाफ समुचित कार्रवाई के लिए सेना का प्रतिनिधि मंडल महामहिम राष्ट्रपति और राज्यपाल से मिलने का निर्णय ले लिया है .देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इसे गंभीरता से लिया है और गंभीर रूप से जख्मी एवं अस्पताल में इलाजरत रिटायर्ड नेवी ऑफिसर मदन शर्मा से हाल-चाल भी पूछा है टीवी चैनलों सोशल मीडिया पर यह प्रकरण बहस व डिबेट का बड़ा मुद्दा बन गया है जनरल बक्शी ने भी इस पर गहरी चिंता जताई है. सैनिकों का आक्रोश ठंडा होने का नाम ही नहीं ले रहा है. शिवसैनिकों और उद्धव ठाकरे के खिलाफ सैनिकों में उठी चिंगारी क्या रंग लेती है यह तो समय ही बताएगा फिलहाल स्थिति काफी संजीदा और तनावपूर्ण बनी नजर आ रही है . अब तो महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की भी मांग उठने लगी है परिलक्षित तौर पर राम जाने महाराष्ट्र में क्या होगा की तस्वीर अजीबोगरीब बनी नजर आ रही है .

सैनिक महाराष्ट्र सरकार और इसके गठबंधन दल से भी पूछ रहे रिटायर्ड नेवी ऑफीसर का क्या था गुनाह ?

शिव सैनिकों द्वारा रिटायर्ड नेवी ऑफीसर मदन शर्मा की की गई अपमानजनक पिटाई के पीछे श्री शर्मा का गुनाह विशेष रुप से सीएम और शिवसेना के मुखिया उद्धव ठाकरे से पूछ रही है सेना का मानना है कि सैनिक खुद अनुशासनबद्ध होते हैं और इसका कड़ा समर्थकों और पक्षधर भी । ऐसे भी भूतपूर्व नौसैनिक अधिकारी मदन शर्मा ने अपने ट्वीटर पर महज फिलहाल महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था अच्छी नहीं चलने की संविधान प्रदत अभिव्यक्ति का मौलिक अधिकार का सकारात्मक प्रयोग मात्र किया था वह तो कोई गुनाह नहीं है महज इतनी सी बात पर शिव सैनिकों की यह बर्बरता पूर्ण कार्रवाई और इसके खिलाफ इसके मुखिया और सीएम उद्धव ठाकरे की चुप्पी व नकारात्मक पहल किस तानाशाही व्यवस्था को दर्शाता है क्या इशारा कर रहा है? इसका माकूल व तर्कसंगत जवाब देंने में उद्धव ठाकरे पूरी तरह असमर्थ असहाय बने नजर आ रहे हैं क्या उद्धव ठाकरे और शिव सैनिकों को मालूम नहीं महाराष्ट्र किसी का जागीर नहीं भारत का अभिन्न अंग है यहां रहना और काम करना देश के हर नागरिक का मौलिक अधिकार है , फिर ऐसा तानाशाही व्यवहार व रवैया क्यों ? क्या इसका कोई माकूल व तर्कसंगत जवाब उद्धव ठाकरे के पास है परिलक्षित तौर पर नहीं .

रिटायर्ड नेवी ऑफिसर की शिव सैनिकों द्वारा निर्मम पिटाई के मामले में बुरे फंसे उद्धव ठाकरे

सुशांत डेथ मिस्ट्री और सच्चाई के लिए मुखर कंगना रनौत के ऑफिस पर हाईकोर्ट के आदेश के विपरीत बीएमसी का बुलडोजर प्रकरण व चक्रव्यू में पहले से बुरी तरह उलझे महाराष्ट्र सरकार के सीएम उद्धव ठाकरे और शिवसेना के मुखिया इस प्रकरण में तो और बुरी तरह फस गए हैं. हालात का नब्ज टटोल इनका तोता शिवसेना के प्रमुख प्रवक्ता संजय रावत ने तो अब खामोशी की चादर ओढ़ ली है वही महाराष्ट्र सरकार के गठबंधन दल राकपा के सुप्रीमो शरद पवार ने तो इसे सरासर गलत कार्रवाई ठहराते हुए उद्धव ठाकरे से तो अपनी गहरी नाराजगी तक जता चुके है दस जनपथ दिल्ली में भी इसे लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है करोड़ों देशवासी टीवी चैनल और सोशल मीडिया इसे सीधे- सीधे राष्ट्रवादी और हिंदुत्व के हृदय सम्राट और सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय के कट्टर पक्षधर बाबासाहेब बाल ठाकरे के उसूलों अरमानों का अपमान की संज्ञा दे रहे हैं.

फिर भी उद्धव ठाकरे कीकुंभकर्ण की नींद का नही खुलना बड़ी विडंबना

आम लोगों की प्रतिक्रिया है कि सुशांत डेथ मिस्ट्री कंगना रनौत के ऑफिस पर हाईकोर्ट के आदेश के विरुद्ध बीएमसी का बुलडोजर और रिटायर्ड नेवी ऑफिसर की शिव सैनिकों द्वारा अपमानजनक निर्मम पिटाई के लिए करोड़ों देशवासी टीवी चैनल सोशल मीडिया राजनीतिक विशेषज्ञ बुद्धिजीवी उद्धव ठाकरे को ही विशेष रुप से जिम्मेवार ठहरा रहे हैं वहीं दूसरी तरफ उद्धव ठाकरे इन प्रकरणों की जिम्मेवारी से अपना पल्ला झाड़ते हुए अपने को क्लीन ठहरा रहे हैं जबकि उद्धव ठाकरे की यह सफाई व दलील किसी के गले के नीचे नहीं उतर रही है .इन तीनों प्रकरणों में मुंबई पुलिस की भी भारी किरकिरी हो रही है और अनेकों आरोप लग रहे हैं मुंबई पुलिस की स्कॉट यार्ड पुलिस की उपाधि पर भी सवालिया निशान लग रहा है .नकारात्मक भूमिका के लिए सदी के महानायक अमिताभ बच्चन को भी लोग नहीं बख्श रहे हैं छत्रपति शिवाजी महाराज और हृदय सम्राट बाबा बाल साहेब ठाकरे की धरती और सुसंगठित शिवसेना भी अपने को भारी अपमानित व कलंकित भी महसूस कर रहा है. इससे बड़ी और दूसरी त्रासदी देश के आर्थिक नगरी महाराष्ट्र की धरती और लाखो को रोटी कपड़ा और मकान मुहैया कराने वाला महाराष्ट्र की धरती के लिए और क्या हो सकता है ?

आमजन का उद्धव ठाकरे को सलाह

अंगुली पर गिनती को छोड़ सारे देशवासियों टीवी चैनलों सोशल मीडिया राजनीतिक विशेषज्ञ व प्रबुद्ध नागरिकों का उद्धव ठाकरे उनके प्रवक्ता संजय राऊत और शिवसेना से एकमुश्त इल्तजा है कि उपरोक्त प्रकरणों में कानून को अपने हिसाब से चलने दे काम करने दे कानून का ही साथ दें ,अपनी प्रतिष्ठा साख को हर हाल व हर कीमत पर संरक्षित सुरक्षित रखना ही बुद्धिमानी व श्रेषयकर होगा ,ह्रदय सम्राट बाबासाहेब बाल ठाकरे का सही और सच्चा उत्तराधिकारी बनने से आप भी महाराष्ट्र के हृदय सम्राट बने रहेंगे आप भी बखूबी जानते समझते हैं कि लाख प्रयास के बाद भी वहीं होता आ रहा व होगा जो कानून के तराजू पर सही उतरेगा फिर निरर्थक प्रयास व हठधर्मिता से क्या फायदा और क्यों ? कानून और सत्य को साथ देना ही इंसान के लिए सच्चा प्रायश्चित होता है कटु और प्रमाणित सत्य है कि कुर्सी चली जाती है फिर मिल जाती है चरित्र और साख छवि ब प्रतिष्ठा खो जाता है तो कदापि भी नहीं मिलता .

सत्यमेव जयते ! जय भारत !
जय महाराष्ट्र !

वरिष्ठ पत्रकार व स्तंभकार प्रो0 धीरेंद्र नाथ सिंह

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