यूपी STF का अपने कर्मचारियों को आदेश , अपने फोन से सभी 52 चाइनीस एप्स तुरंत हटाएं

किसी को भी पच नहीं रहा भारतीय सेना के 20 जवानों की शहादत

पूर्वी लद्दाख में चीन के सैनिकों की गद्दारी और हिंसक संघर्ष में भारत की अखंडता संप्रभुता की रक्षा में शहीद हुए भारतीय सेना के वीर अमर सपूतों की शहादत सरकार ही नहीं संपूर्ण भारत वासी नहीं पचा पा रहें हैं. चीन के प्रति सर्वत्र नफरत और आक्रोश की चिंगारी सुलग रही है . चीन को मुंह तोड़ जवाब दे व गंभीर सबक सिखाएं भारत का एक ही स्वर संपूर्ण भारत में उभर रहा है . इससे सरकार पर बड़ा प्रेशर पड़ रहा है . विशेष रुप से पीएम मोदी चीन की इस ओछी वादाखिलाफी व गद्दारी से काफी विचलित ही नहीं बौखलाए हुए भी हैं . उनका दो टूक बयान भारत की अखंडता संप्रभुता सर्वोच्च है और इसकी रक्षा करने से भारत को कोई रोक नहीं सकता है उसका इशारा करता है . सबसे बड़ी राहत की बात है कि इस मुद्दे पर बिना कोई किंतु परंतु नहीं सारे विपक्षी पार्टियां एकजुट एकमत व एक ही प्लेटफार्म पर खड़ी है . दूसरी तरफ भारत वासियों को गर्व है कि भारतीय सैनिक चीनी सैनिकों को विपरीत परिस्थिति में भी मारते मारते शहीद हुए .लाख कठिनाइयों के बावजूद भी चीन के साथ हिंसक संघर्ष में शहीद हुए भारतीय सेना के जवानों की शहादत का चीन के साथ हिसाब-किताब चुकता करना और भारतीय जन भावना को मूर्त रूप दिलाना वर्तमान सरकार के लिए एक अहम चुनौती बन गई है और सरकार भी इस पर कदम पर कदम उठाने में पीछे नहीं रह रही है .

पहली योजना चीन की आर्थिक कमर तोड़ने की

विश्वव्यापी हकीकत है कि चीन की आर्थिक सामरिक और विकास अपने उत्पादों को विश्व के बाजार में अधिक से अधिक खपा कर अधिक से अधिक धन उपार्जन पर आश्रित है . चीनी उत्पादों के आयात का भारत एक बड़ा बाजार है , जहां अरबों रुपए का चीन निर्मित इलेक्ट्रॉनिक गुड्स आदि उपकरणों का खरीद-फरोख्त होता है . सरकार ही नहीं आम भारतीय की सोच है कि भारत में चीनी सामानों व उपकरणों से खरीद फरोख्त व उपयोग पर पूर्ण रोक से चीन की आर्थिक स्थिति आप ही डगमगा जाएगी इससे चीन की सामरिक और विकास नीति काफी हद तक प्रभावित भी होगी इस पर अमल भी शुरू कर दिया गया है . दूसरी सबसे बड़ी राहत देने वाली बात है कि विश्व के कई महा शक्तियां चीन के इस कूटनीतिक चाल के विरोध में भारत का साथ व मजबूत समर्थन देने को तैयार हैं .

चीन की हालत मियां की जूती मियां के सिर का

चीन को सपने में भी विश्वास नहीं था कि भारत के साथ इस धोखाधड़ी व कायरतापूर्ण हिंसक संघर्ष विश्वव्यापी चर्चा का विषय और इतना महंगा पड़ जाएगा . सही मायने में चीन द्वारा इस कायराना और शर्मनाक घटना को लद्दाख की सीमा गलवान नदी घाटी में दिए जाने के पीछे मुख्य कारण दिल में शूल बनकर खटक रहा दौलत बेग ओल्डी मामले का पटाक्षेप कराने का एक असफल प्रयास मात्र है . यह कोई लुकी छुपी बात भी नहीं रह गई है और चीन का यह कुत्सित कूटनीतिक प्रयास चीन के लिए मियां की जूती मियां के सिर की कहावत बन चुकी है.

चीन को आर्थिक झटके पर झटका देने की भारत की तैयारी

भारत सरकार ने लद्दाख की घटना का चीन को पलटवार का मसौदा तैयार कर लिया है. पहले आर्थिक पलटवार में टेलीकॉम में चीनी उत्पादों पर रोक लगाकर संकेत दे दिया है कि भविष्य में चीनी उत्पादों के भारत में आयात आसान नहीं रह जाएगा . चीन निर्मित टायर की तरह मोबाइल फोन की आयात को भी प्रतिबंधित कालम में रखने , आयात की रफ्तार को न्यूनतम करने के लिए 200 से अधिक आइटम के आयात शुल्क में बढ़ोतरी , 35 उत्पादों पर एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाने और कई वस्तुओं के आयात के लिए एक स्टैंडर्ड तय कर चीनी वस्तुओं के भारत आने से रोकने को कार्य रूप देने का मुहिम प्रक्रिया में है.

भारत ने वर्ष 2018 में चीन से कुल 76 अरब डालर चीनी उत्पादों का आयात किया था . चीन के साथ भारत की बदली इस व्यवसायिक नीति से चीन को अरबों का आर्थिक नुकसान पहुंचेगा .

यूपी एसटीएफ ने अपने कर्मचारियों को चाइनीज ऐप्स हटाने का दिया निर्देश

चीनी सैनिकों के साथ हिंसक संघर्ष में शहीद हुए सैनिक जवानों की पीड़ा ना केवल सरकार बल्कि
निजी व सार्वजनिक क्षेत्र में भी उभर कर सामने आ रही है . यूपी के एसटीएफ ने कॉन्फिडेंशियल लेटर जारी कर अपने सभी कर्मचारियों को अपने मोबाइल से चाइनीज ऐप हटाने को कहा है . सभी 52 चाइनीज एप्स को जल्द से जल्द अनइनस्टॉल करने का निर्देश दिया है . इसी तरह सार्वजनिक क्षेत्र में भी चीन के प्रति नफरत एवं बदले की चिंगारी थमने का नाम नहीं ले रही है .चीनी उत्पादों का दहन के साथ साथ चीन का भी पुतला दहन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है . चीनी उत्पादों के बहिष्कार के लिए सघन व्यापक जन जागरण अभियान चलाया जा रहा है . चीन को शायद सपने में भी विश्वास नहीं हुआ होगा की छल छद्म से भारतीय सैनिकों को मारने की उसे इतनी बड़ी कीमत चुकानी होगी .

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