झारखंड विधानसभा चुनाव परिणाम के कुछ दिनों के उपरांत सियासी गलियारों में बाबूलाल मरांडी के भाजपा में शामिल होने की चर्चा हो रही है..

झारखंड विधान सभा का प्रथम सत्र का समापन और झाविमो प्रमुख बाबूलाल मरांडी का रांची से बाहर जाना उन सारी अटकलों को बल दे रहा है जहां आने वाले समय में बाबूलाल मरांडी को भाजपा में देखा जा सकता है.

चर्चा इस बात की भी है कि बाबूलाल मरांडी की मुलाकात कोलकाता या दिल्ली में भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ हो सकती है. हालांकि बाबूलाल मरांडी कहां गए हैं इस बारे में उनके नजदीकी सूत्र भी कुछ बताने से इंकार कर रहे हैं, उनके लौटने के संभावनाएं खरमास के बाद बताई गई.

सूत्रों की मानें तो बाबूलाल मरांडी की भाजपा में शामिल होने के बाद नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी दी जा सकती है.. भाजपा विधानसभा चुनाव में अपने खराब प्रदर्शन के बाद एक बड़े, मजबूत आदिवासी चेहरे की तलाश में है, वहीं बाबूलाल मरांडी की पार्टी भी चुनाव में कुछ खास नहीं कर पाई.. ऐसी परिस्थिति में दोनों पार्टी संभावनाओं की तलाश में स्वाभाविक तौर पर नजदीक आती दिखती हैं. भाजपा ने अभी तक नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी भी खाली रखी है, दूसरी तरफ बाबूलाल मरांडी ने भी झाविमो कार्यसमिति भंग कर दी है है. विधायक दल के नेता के सवाल पर भाजपा खरमास के बाद ही नेता चयन की बात कहती है.. चुनाव की हार की समीक्षा मे भी पार्टी असहज दिख रही है, माना जा रहा है बाबूलाल के भाजपा में आने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी

सियासी गलियारों से होते हुए तमाम बातें अब आम लोगों के बीच चर्चा में है शायद खरमास के बहाने भाजपा और बाबूलाल मरांडी अपने लिए संभावनाएं तलाश रहे हैं.

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