आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सह झारखंड प्रभारी डॉ .अजय कुमार का बड़ा बयान, कहा बरहेट थानां प्रभारी को FIR कर जेल भेज देना चाहिए

प्रशासनिक व्यवस्था बदतर होती जा रही है

राँची/झारखंड:- साहिबगंज के बरहेट मामला थमता नजर नहीं आ रहा अब पूर्व झारखंड कांग्रेस अध्यक्ष एवं वर्तमान में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ अजय कुमार ने संबंधित घटनाक्रम पर अपना बयान दिया है जहां उन्होंने थाना प्रभारी पर FIR कर जेल भेजने की बात कही है . मालूम हो थाना प्रभारी हरीश पाठक के खिलाफ युवती के साथ मारपीट,गली गलौज व अभद्रता मामले को लेकर पूरे राज्य में ज़ोर शोर से सनसनी फैली हुई है, इस मामले में त्वरित कार्यवाही के तहत थाना प्रभारी हरीश पाठक को निलंबित कर बरहरवा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी प्रमोद मिश्रा से तीन दिनों में मामले की जाँच का आदेश दिया गया है,जो फिलहाल जारी है .

वीडियो वायरल हुआ तो कार्रवाई हुई वरना महिला सुरक्षा पर बहुत बड़ा सवाल था

डॉ अजय कुमार ने कहा थाना प्रभारी का शर्मसार करने वाला वीडियो वायरल हुआ. इसके बाद थाना प्रभारी पर कार्रवाई भी की गयी. वीडियो वायरल थी इसलिये कार्रवाई की गयी ,नहीं तो महिला सुरक्षा पर यह बड़ा सवाल था.

बर्खास्तगी हो नही तो आंदोलन किया जाएगा


उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी बरहेट थाना प्रभारी की बर्खास्तगी की मांग करती है. थाना प्रभारी पर कार्रवाई करते हुए एफआइआर करते हुए जेल भेजा जाये. साथ ही थाना प्रभारी के सैलरी से एक लाख रुपया प्रताड़ित युवती को दिया जाना चाहिए. ऐसे करने से प्रशासनिक हल्कों में संदेश जायेगा. अधिकारी ऐसा करने से पहले सोचेंगे. राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था बद से बदतर होती जा रही है.अजय कुमार ने कहा कि शर्मनाक घटना है. सरकार अगर आरोपी थाना प्रभारी को बर्खास्त नहीं करती है तो पार्टी की ओर से आंदोलन किया जायेगा.

मुख्यमंत्री के क्षेत्र में हुई शर्मसार करने वाली घटना , विधि व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है

डॉ अजय कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधानसभा क्षेत्र में ऐसी घटना हुई है जो राज्य की विधि-व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है. पूरे राज्य की जनता थाना प्रभारी के कुकृत्य से गुस्से में है. अजय कुमार ने कहा कि यह काफी गंभीर मामला है. वीडियो वायरल होने के कारण थाना प्रभारी को निलंबित किया गया. अगर ये स्थिति नहीं होती, तो शायद ये कार्रवाई भी नहीं होती. राज्य में हर दिन महिलाओं के उत्पीड़न, शोषण और प्रताड़ना की खबरें मिलती रहती हैं. सरकार को महिला सुरक्षा हेतु सजग होते हुए सख्त निर्देश जारी करना चाहिए. सुदूर क्षेत्रों में लोग ऐसे ही प्रशासन का सहयोग लेने से डरते हैं. ऐसे में पुलिस अधिकारियों का ये रवैया ग्रमीण क्षेत्रवासियों और महिलाओं को डराने वाला है. लोगों का विश्वास पुलिस के इस कुकृत्य से उठ जायेगा. प्रशासन का काम जनता को जागरूक कर उनके सहयोग से सुरक्षा और शांति का माहौल बनाना है ना कि डंडे के दम पर डर का आतंक फैलाना.

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