प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में बन रही समस्याओं व रोजगार के संसाधन जुटाने के उद्देश्य से गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत 50000 करोड़ रुपए खर्च करने की बात कही विशेषकर ग्रामीण इलाकों में विकास के कार्य में रोजगार के क्षेत्र में 25 कार्य क्षेत्रों की पहचान की गई है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना का शुभारंभ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार के खगड़िया जिला अंतर्गत बेलदौर प्रखंड के तेलिहार गांव से किया. बिहार, उड़ीसा, झारखंड, राजस्थान ,उत्तर प्रदेश समेत छह राज्यों के 116 जिलों में यह योजना क्रियान्वित होगी. अभियान मूल रूप से लॉकडाउन में उत्पन्न हुई बेरोजगारी की समस्या से निपटने, प्रवासी श्रमिकों के लिए रोजगार सृजन की संभावनाओं व रोजगार दिलाने के उद्देश्य की गई है. योजना खासकर उन जिलों से जोड़ी गई है जहां प्रवासी मजदूरों की संख्या ज्यादा है आर्थिक गति को बल देते हुए गांव की नई रूपरेखा व आधारभूत संरचना तैयार करना योजना का प्रमुख उद्देश्य होगा.

झारखंड के 3 जिले हजारीबाग, गिरिडीह, गोड्डा योजना में शामिल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गरीब कल्‍याण रोजगार योजना की शुरुआत की है ,योजनांतर्गत झारखंड के 3 जिले हजारीबाग गिरिडीह गोड्डा को भी जोड़ा गया है . पीएम मोदी द्वारा ऑनलाइन शुभारंभ की गई इस योजना द्वारा प्रवासी श्रमिकों को घर पर ही रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गरीब कल्याण रोजगार अभियान का शुभारंभ किया गया है.

25000 श्रमिक 125 दिनों का रोजगार

जानकारी के मुताबिक इस अभियान के तहत शामिल जिलों में कम से कम 25000 श्रमिकों को 125 दिनों के रोजगार साधन जुटाने के प्रयास किए जाएंगे. इसका सीधा लाभ लॉकडाउन में अलग-अलग राज्यों से लौटे प्रवासी मजदूरों का होगा जिनका नाम राज्यों के सूची में शामिल है रोजगार मुहैया करवाने में सरकार की ग्रामीण विकास पेयजल एवं आपूर्ति आदि अन्य विभागों का विशेष योगदान होगा ,जहां 25 योजनाओं एवं कार्यक्रमों के माध्यम से इन्हें रोजगार मुहैया करवाया जाएगा .

संभावित कार्य क्षेत्र व कार्यों की संभावना.

गरीब कल्याण योजना अभियान के तहत रोजगार सृजन की संभावनाओं की बात की जाए तो शौचालय निर्माण कार्य, जल संरक्षण एवं सिचाई, एन एच आई के अंतर्गत चल रहे कार्य, कुएं की खुदाई, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना , वृक्षारोपण, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) फाइबर ऑप्टिक केबल का कार्य, जैसे अन्य कई विभागीय संबंधित कार्य श्रमिकों को दिए जाएंगे .

अभियान की अवधि 125 दिनों की उन संभावनाओं को देख कर रखी गई है जहां स्थितियां बदलने पर श्रमिक वापस अपने कार्यक्षेत्र को लौटेंगे, स्थितियां यथावत बने रहने पर अवधि बढ़ाई जा सकती है.

इस बाबत ग्रामीण विकास विभाग की सचिव आराधना पटनायक ने अभियान में शामिल तीनों जिले के उपायुक्तों को पत्र भेज कर शनिवार सुबह 11:00 बजे से शुभारंभ होने वाले इस योजना का वेबकास्टिंग स्वयं देखने एवं जिला परिषद अध्यक्षों, सभी प्रमुख व ग्राम पंचायत के मुखिया के देखने की भी व्यवस्था उनके कार्यालय पंचायत भवन या प्रज्ञा केंद्र में करने का निर्देश दिया .

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