15 दिन की अमरनाथ यात्रा पर विचार ;बाबा बर्फानी के लाइव दर्शन शुरू

मंजूरी मिलने का इंतजार अनुमति प्राप्त होने पर  बालटाल मार्ग से रोज 500 श्रद्धालु गुफा तक जा पाएंगे.

श्रीनगर के श्री अमरेश्वरी मंदिर से रविवार को छड़ी मुबारक बाबा अमरनाथ गुफा के लिए रवाना हुई थी.


वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के कारण अमरनाथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं के लिए आने जाने वाले नियम में बदलाव किए जा सकते हैं .

मालूम हो अमरनाथ गुफा 3880 फीट की ऊंचाई पर, पहलगाम और बालटाल मार्ग से 42 दिन की यात्रा
इस बार यात्रा 23 जून से शुरू होनी थी, लेकिन कोरोना संक्रमण के मद्देनजर विराम लगा इसमें देरी हुई.

पहली दफा बाबा बर्फानी की विशेष पूजा का लाइव प्रसारण रविवार सुबह7.30 बजे से शुरू हो गया जिसका प्रसारण 3 अगस्त तक यानी रक्षाबंधन तक जारी रहेगा.

जम्मू-कश्मीर के एलजी गिरीश चंद्र मुर्मू ने सपरिवार बाबा अमरनाथ की पूजा की.

प्राप्त जानकारियों के मुताबिक लाइव प्रसारण के लिए दूरदर्शन की 15 लोगों की टीम गुफा परिसर में रहेगी. रविवार को विशेष पूजा में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल गिरीश चंद्रमुर्मू, बीएस राजू, जीओसी चिनार कॉर्प्स समेत कई अफसर शामिल हुए.

एक-दो दिन में आ सकता है फैसला

अमरनाथ यात्रा के मार्ग में विस्फोटक मिलने से फैली सनसनी के बाद पिछले साल 2 अगस्त से यात्रा पर रोक लगाई गई थी . 3.42 लाख लोगों ने दर्शन किए थे. यात्रा के स्वरूप पर  एक-दो दिन में फैसले आने की उम्मीद है जिसकी अध्यक्षता अमरनाथ श्राइन बोर्ड के चेयरमैन और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल गिरीश चंद्रमुर्मू करेंगे. हालांकि, प्रशासन ने कहा है कि इस बार यात्रा पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए हैं. अगर यात्रा की अनुमति मिलती है तो यह बालटाल के रास्ते ही होगी.

बालटाल वाले रास्ते से होगी यात्रा

आपको बता दें इस बार यात्रा पहलगाम के पारंपरिक रास्ते से नहीं होगी. बालटाल वाले रास्ते में 16 किमी की चढ़ाई के बावजूद इसी रास्ते से यात्री एक से दो दिन में दर्शन करके लौट सकते हैं.  मंजूरी प्राप्त होने पर हर दिनअमरनाथ गुफा तक सिर्फ 500 श्रद्धालुओं को ही जाने की इजाजत मिलेगी. खबरें आ रही हैं इस बार हेलीकॉप्टर द्वारा भी  यात्रा कराई जा सकती है जिसके लिए बालटाल मार्ग में चार हैलीपैड और बेस कैंप तैयार हो गए हैं.

जुलाई के अंत का इंतजार 15 दिन के लिए यात्रा मुमकिन

अमरनाथ गुफा 3880 फीट की ऊंचाई पर स्थित है. 2 मार्गो से बाबा बर्फानी की यात्रा तय की जाती है. अनंतनाग के पहलगाम और गांदेरबल के बालटाल से यात्रा शुरू होती है, जो कि 42 दिन तक चलती है.  अमरनाथ यात्रा  23 जून से शुरू होनी थी, कोरोना संक्रमण के सुरक्षार्थ एहतियातन यात्रा पर रोक लगाई गई . खबरों पर यकीन किया जाए तो अमरनाथ श्राइन बोर्ड जुलाई के अंत में 15 दिन के लिए यात्रा कराने की योजना पर विचार कर रहा है .

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here