देश की राजधानी दिल्ली दंगों की दंश से तिल-तिल कर मर रही है. मानवता तार-तार हुई है, लोग एक दूसरे के दुश्मन बन बैठे हैं.. कईयों के घर उजड़ गए. हिंसा ने अभी तक 38 लोगों की जान ले ली 300 से ज्यादा घायल है ना जाने कितने लापता होंगे?
नागरिकता कानून विवाद दो समुदाय के बीच सांप्रदायिक रंग से लाल हो गया.. यह इतना क्रूर और अमानवीय हो चुका है, जो हर दिन फोटो वीडियो के माध्यम से सोशल मीडिया टि्वटर जैसे खबरों में बना है.. कई तस्वीरें और वीडियो इतने वीभत्स है जो विचलित करते हैं. दिल्ली सरकार ने जानमाल के नुकसान के लिए मुआवजे का ऐलान भी कर दिया लेकिन यह खानापूर्ति शायद ही कभी दंगों में शिकार हुए लोगों परिजनों का मरहम बन सके.
लेकिन इन सबो के बीच दिल्ली के कुछ इलाकों से ऐसी भी कहानियां सुनने को मिली जो भाईचारे का मिसाल पेश करती हैं इंसानियत की उम्मीदें जिंदा रखती हैं..

दंगों के दंश से जली दिल्ली


जहां एक मुस्लिम को बचाने में हिंदू झुलस जाता है


प्रेम कांत बघेल ने मीडिया को बताया कि शिव विहार में हिंदू मुस्लिम बड़े प्रेम भाव से रहते हैं ..लेकिन दंगे भड़कने के बाद स्थिति बदल गई, पेट्रोल बम से लोग घर जला रहे थे .उसी दौरान एक मुस्लिम पड़ोसी के घर में दंगाइयों ने आग लगा दी मुस्लिम पड़ोसी का घर बचाने के क्रम में प्रेम कांत बघेल आग से झुलस गए अपनी जान की बाजी लगा दी.


.जब भाजपा पार्षद फरिश्ता बन मुस्लिम परिवार की रक्षा करते हैं


करीब 150 लोगों की भीड़ जमा होती है शाहिद सिद्धकी की के घर के बाहर.. बात होती है घर में आग लगाने की, रात के 11:30 बजे थे, भीड़ पहले घर के नीचे एक बुटीक कार और मोटर बाइक को आग के हवाले कर देती है 30 लाख से ऊपर की संपत्ति जलकर खाक हो जाती है ..यह सूचना जैसे ही भाजपा पार्षद प्रमोद गुप्ता तक पहुंचती है मौके पर पहुंच भीड़ को आगे बढ़ने से रोकते हैं और गुजारिश करते हैं दंगा फसाद ना करने की. प्रमोद गुप्ता शाहिद के घर को जलने से बचाते हैं जहां उस घर में 2 महीने का बच्चा भी मौजूद था.

दंगाइयों की भीड़


जब मुस्लिम ढाल बनकर सामने खड़े हो गए


घटना है भागीरथ विहार गली नंबर 4 की मुस्तफाबाद रोड पर रिहायशी इलाके में कई हिंदू परिवार रहते हैं. सुनील जैन मीडिया को बताते हैं, सैकड़ों दंगाई की भीड़ गली में घुसने की कोशिश करते हैं. हम सारे डरे सहमे थे. वही गली में रहने वाले हासिम डॉक्टर फरीद और इरफान सहित कई और मुस्लिम ढाल बन गली के मेन गेट पर खड़े हो जाते हैं और दंगाई से कहते हैं हिंदू तक पहुंचने से पहले उन्हें उनकी लाश से गुजरना होगा.. भाईचारे की मिसाल पेश करते हैं.


जब मुस्लिम लड़की को भीड़ से बचाकर अपने घर में पनाह दी


मानवता की मिसाल पेश करती पिंकी गुप्ता जो मुसीबत में फंसी एक मुस्लिम लड़की की मदद कर सुरक्षित घर पहुंचाती हैं. सामाजिक कार्यकर्ता पिंकी गुप्ता घोड़ा इलाके में रहती हैं. पिंकी गुप्ता बताती हैं चांद बाग की रहने वाली एक लड़की करिश्मा जो शास्त्री नगर में नौकरी करती है.. बाहर के माहौल से अनजान.. जब ऑफिस से अपने घर को लौट रही थी मेट्रो स्टेशन बंद होने की वजह से सीलमपुर मेट्रो स्टेशन पर उतर कर घोड़ा मोहल्ले तक आती है.. वहां उस लड़की को कुछ लड़के घेर लेते हैं, वहां पहुंचकर हम उस लड़की को बचाते हैं.. घर लाकर उसे यकीन दिलाते हैं कि वह पूरी तरीके से सुरक्षित है. हालत सामान्य ना होने की वजह से उसे उसके घर ना छोड़कर.. नूर ए इलाही में उसके मामा के घर सुरक्षित पहुंचा दिया जाता है.


जहां सोशल मीडिया पर पोस्ट डाल हिंदू दोस्त की मदद की


मोहम्मद अनस जो कि इलाहाबाद के हैं फेसबुक पोस्ट के जरिए अपने एक करीबी हिंदू दोस्त की मां की मदद करते हैं.. मंगलवार सुबह मोहम्मद अनस फेसबुक पोस्ट के जरिए लिखते हैं मेरे दोस्त का परिवार 30 साल से मुस्तफाबाद में रहता है और उनके घर पर हमला हुआ है. घर पर उनकी 60 साल की मां अकेली रहती है.. यहां का रहने वाला कोई अगर मेरी पोस्ट पढ़ रहा हो तो मदद करें. करीबन 2 घंटे के बाद एक पोस्ट के जरिए अनस बताते हैं अब उनके दोस्त की मां सुरक्षित है. फेसबुक पोस्ट के 15 मिनट के अंदर मुस्तफाबाद के उस हिंदू ब्राह्मण परिवार के घर के बाहर कई मुसलमान पहुंचकर दंगाइयों के बीच से उसके दोस्त की मां को बचा लेते हैं और अपने घर में पनाह देते हैं.

जब मुसलमानों के घर में आग लगा दी तो हिंदुओं ने पनाह दी.

दंगों की दर्द बयां करती तस्वीर


कहानी अशोक नगर इलाके में रहने वाले लोगों की है जहां भाईचारगी की मिसाल पेश की गई. उपद्रवी मुस्लिम परिवारों को घर आग लगा देते हैं यहां के लोगों का कहना है कि शायद दंगाइयों को पता था कि इलाके में 6 ही मुस्लिम परिवार हैं इसलिए वह दंगाइयों के निशाने पर थे. पड़ोसी हिंदुओं ने उन्हें अपने घर में पनाह दी और उनकी जान बची. यहां रहने वाले मोहम्मद राशिद कहते हैं वह यहां 25 साल से रह रहे हैं लेकिन कभी भी किसी बात के लिए किसी हिंदू से लड़ाई नहीं हुई सारे एक परिवार जैसे रहते हैं.


हिंदू मुस्लिम ने मिलकर बचाई अपनी 50 दुकाने


कर्दमपुरी कबीर नगर के सामने विजय पार्क इलाके में मंगलवार को जमकर पथराव हुआ था और गोलियां भी चली मौजपुर बाबरपुर मेट्रो स्टेशन से कुछ दूरी पर है यह इलाका.
यहां के करीम चौधरी मीडिया को बताते हैं मंगलवार सुबह 11:30 बजे अचानक मौजपुर और कबीर नगर के तरफ से लोगों की भीड़ आने लगती है दोनों ओर से पत्थरबाजी शुरू हो जाती है. दंगाई प्रॉपर्टी को निशाना बनाना शुरू कर देते हैं यहां दोनों समुदायों की दुकान थी लेकिन वक्त रहते दोनों समुदाय के लोग भीड़ को खदेड़ करीब 50 दुकानें आग लगने से बचा लेते हैं आपसी सौहार्द और भाईचारे की एक उदाहरण प्रस्तुत करते है.

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