हाथों में रिवाल्वर लिए आईएएस अधिकारी हैं

2011 बैच की आईएएस अधिकारी राजेश्वरी बी रामगढ़, गढ़वा में रही चुकी हैं उपायुक्त

हाथों में रिवाल्वर लिए आईएएस अधिकारी दुमका जिला उपायुक्त राजेश्वरी बी हैं. दरअसल रिवाल्वर के निरीक्षण के दौरान की तस्वीर उपायुक्त ने अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर करते हुए जानकारी साझा की है. उन्होंने बताया है निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया लोगों के पास अस्त्र विरासत के रूप में या फिर सुरक्षा कारणों के लिए होते हैं. जिसमें सबसे पुरानी 1988 की, ज्यादातर बंदूकें कानपुर से लाई गई, कुछ यूनाइटेड किंगडम की थी और एक इटली की. कुछ लोगों को हथियार सरेंडर करने को प्रोत्साहित भी किया.

सोशल मीडिया पर खूब होती रही है चर्चा

आपको बता दें दुमका उपायुक्त राजेश्वरी बी द्वारा शेयर की जाने वाली तस्वीरें अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल हो जाया करती है. लॉकडाउन के दौरान तस्वीरों में राजेश्वरी बी अपने पति की बाल काटती नजर आई थी हेयर कट वाली तस्वीर सोशल मीडिया पे लोगों द्वारा काफी पसंद की गई थी. उनके पति सूरज भगत एक बिजनेसमैन है.

उपायुक्त अपने स्तर से पिस्टल व रिवाल्वर देने के लिए सक्षम अधिकारी है

खबर के संदर्भ में रिवाल्वर मात्र चित्रण उद्देश्य के लिए है

जानकारी को बता दे पूर्व में पिस्टल व रिवाल्वर के लिए लाइसेंस निर्गत करने के संबंध में उपायुक्त के स्तर पर आयुक्त की अनुशंसा मांगी जाती थी. जिला के उपायुक्त अब पिस्टल व रिवाल्वर के लाइसेंस निर्गत करने के लिए सक्षम पदाधिकारी हैं. नए नियमावली में आयुक्त कार्यालय से अप्रूवल की आवश्यकता नहीं है. गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा अधिसूचित शस्त्र नियमावली 2016 शिड्यूल 2 को रेखांकित करते हुए कहा है कि उपायुक्त नियमानुसार अपने स्तर से एनपी बोर रिवाल्वर और पिस्टल की अनुज्ञप्ति जारी कर सकते हैं.

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