लोग ही मिसाल है लोग ही कमाल है..

विदित है कि कोरोना संकट में विश्वव्यापी कौतूहल मचा है कि कब कोरोनारोधी वैक्सीन आएगा ताकि मानव जाति  पर मंडरा रहे संकट के बादल छट सके .परिस्थितियां अनुकूल नहीं है सहारा लोग ही हैं मानवीय संवेदना का होना जीवन के मूल्यों को परिलक्षित कर रहा है .ऐसे में कई उदाहरण मिल जाते हैं जहां मसीहा बनकर लोग एक दूसरे के काम आ रहे हैं उनकी जान बचा रहे हैं जिन्हें हम कोरोना वॉरियर्स की संज्ञा भी देते हैं ऐसे ही है CISF कमांडेंट श्री शिवदत्त कुमार जो तमाम लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत बने हैं.

CISF कमांडेंट ने अपना प्लाज्मा डोनेट किया

गंभीर अवस्था में आए कोरोना पॉजिटिव मरीजों के लिए प्लाज्मा डोनर कोई मसीहा से कम नहीं है, खासकर यह और भी महत्वपूर्ण हो जाती है जब तक कोरोना संबंधी कोई दवा या वैक्सीन इजाद नहीं हो जाती. भारत में प्लाज्मा थेरेपी से मरीजों का इलाज सर्वप्रथम दिल्ली से आरंभ किया गया जहां सकारात्मक एवं सफल परिणाम देखने को मिले. ऐसे में झारखंड सरकार भी विभिन्न माध्यमों से कोरोना संक्रमण से मुक्त हुए पूर्णतः स्वस्थ हुए लोगों से प्लाज्मा डोनेट करने की अपील करती रही है , ताकि प्लाजमा थेरेपी के जरिए गंभीर अवस्था में पहुंचे कोरोना संक्रमित मरीजों की जान बचाई जा सके. समय-समय पर लोगों ने झारखंड में भी प्लाज्मा डोनेट कर जीवन दाता बनने का काम किया है. ऐसे में सीआईएसएफ( पतरातू) कमांडेंट शिवदत्त कुमार ने आगे आकर प्लाज्मा डोनेट करते हुए मिसाल दिया है , प्रेरणा स्रोत बने हैं और उम्मीद भी है कोरोना संक्रमण मुक्त व्यक्ति संवेदनशीलता के परिचायक बन प्रेरणा लेकर स्वैच्छिक पहल करते हुए प्लाज्मा डोनेट करेंगे और दूसरों को भी प्रेरित करेंगे.

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