झारखंड के लाल ने अपने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए.

पिता ने कहा बेटे के शहादत पर गर्व है

शहीद जवान झारखंड के साहिबगंज जिले से हैं

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में आतंकियों का मुंहतोड़ जवाब देते हुए अपने मातृभूमि के लिए झारखंड के लाल सीआरपीएफ जवान कुलदीप उरांव ने अपनी शहादत दी.

शत शत नमन वीर शहीद कुलदीप उरांव

अधिकारियों के अनुसार गुरुवार रात करीब 10:15 बजे रोजमर्रा की तरह एक गश्ती दल अपने नियमित गश्त पर मलबाग के जकूरा इलाके से गुजर रहा था. गश्ती दल को एक स्कूल के नजदीक कुछ संदिग्ध गतिविधियां दिखी, जवान संदिग्धों को दबोचने के ख्याल से जैसे ही आगे बढ़े आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी. गोलीबारी में 2 जवान घायल हो गए. घायल जवानों को सुरक्षित वापस वहां से निकालते हुए इलाके की घेराबंदी कर जवाबी कार्रवाई शुरू की गई. 1 घंटे तक चली गोलीबारी में एक आतंकी मारा गया. मुठभेड़ में घायल हुए दो जवान जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था उसमें एक जवान कुलदीप उरांव ने अपनी अंतिम सांस ली मातृभूमि के लिए शहादत दे दी .

शहीद जवान झारखंड के साहिबगंज जिले के हैं.  उसका  कुलदीप सीआरपीएफ की क्विक एक्शन टीम के सदस्य हैं.

वीर शहीद कुलदीप उरांव के पिता घनश्याम उरांव भी सेना में थे.

आपको बता दें शहीद कुलदीप उरांव के पिता घनश्याम उरांव भी सेना में थे. देश के लिए शहादत पर उन्हें अपने बेटे के लिए गर्व है अपने बेटे की शहादत की खबर पाकर बेहद भावुक पिता ने कहा उन्हें बेटे की शहादत पर गर्व है, मैंने बेटा खोया है लेकिन गम नहीं. देश की रक्षा के लिए बेटे ने शहादत दी यह क्या कम है?

  2009 में वैवाहिक सूत्र में बंधे शहीद कुलदीप के दो बच्चे हैं पुत्र एवं पुत्री . पत्नी वंदना उराव पश्चिम बंगाल पुलिस में कार्यरत हैं. कुलदीप के पिता घनश्याम उरांव 2007 में रिटायर हुए सीआरपीएफ जवान थे. फिलहाल घनश्याम उरांव वार्ड पार्षद हैं

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