समय का फेर भायखला जेल में बदल दिया गया रिया का सेल , हटा दिया गया है सीलिंग फैन ,बिस्तर के नाम दी गई है सिर्फ एक चटाई ,मुंबई की गर्मी की तपीश से अपने पर से भी नियंत्रण खो रही रिया ,कर रही अजीबोगरीब हरकत , बदले सेल में जानिए रिया का ताजा हाल चाल

रिया चक्रवर्ती का जेल में बदल दिया गया सेल

महिला कैदी भी पढा रहे हैं रिया को इंसानियत और अनुशासन का पाठ

संभावनाओं के मद्देनजर रिया पर बढ़ा दी गई चौकसी

वक्त के रूठ जाने पर किस्मत भी रूठ जाती है ,साथ देना छोड़ देती है

महापुरुषों की वाणी है कि इंसान नही वक्त बड़ा होता है जब वक्त खफा हो जाता है तो इंसान की किस्मत भी उससे रूठ जाती है ,मुसीबत व विपत्ति कभी अकेले नहीं आती अपने साथ पूरा लाव लश्कर लेकर आती है सारी लोकोक्तियां ड्रग सिंडीकेट कनेक्शन के तार से जुड़े होने के आरोप में एनसीबी के हत्थे चढ़ी और भायखला जेल के शिकंजे में कैद और सुशांत डेथ केस के मुख्य संदिग्ध आरोपी रिया चक्रवर्ती के साथ हूबहू चरितार्थ हो रही है. बदहाली व मुसीबतें रिया का पीछा छोड़ने का नाम ही नही ले रही है उल्टे रोज नई मुसीबतें खड़ी हो रही है ऐसे में खुली आजादी पसंद रिया का मानसिक संतुलन गड़बड़ाना और क्या से क्या हो गया बेवफा तेरे प्यार में या इस भरी दुनिया में कोई भी हमारा न हुआ ,गैर तो गैर थे अपनों का भी सहारा ना मिला का राग अलापना और आंसू बहा बहाकर व कभी स्वयं को तो कभी अपनी किस्मत और कभी अपने आस्तीन के सापों को कोस कर गम हलक करने के अलावे रिया के हाथ बचा ही क्या है ?

बदल दिया गया जेल में रिया का सेल , बढ़ा दी गई चौकसी

वक्त का पहिया हमेशा एक जैसा नहीं रहता इसे वक्त की मर्जी कहें या भाग्य का खेल व कर्म का खेल जेल प्रबंधन द्वारा सुरक्षा के विशेष कारणों को लेकर रिया का सेल बदल दिया गया और रिया चक्रवर्ती को उसमे शिफ्ट कर दिया गया है यह पहले का 10 फीट बाई 10 फीट के स्थान पर 8 फीट बाई 8 फीट का सेल है. इसमें भी तीन दीवारें और एक ग्रिल हैं. संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सेल से सीलिंग फैन भी हटा दिया गया है ,बिस्तर के तौर पर मात्र एक चटाई दी गई है पीलो भी नहीं दिया गया है. मुंबई की भीषण असहय गर्मी में बदले सेल में आजाद और एशोआराम की हिमायती रिया के लिए रहना दूर एक क्षण भी वक्त गुजरना रिया के लिए रेत से तेल निकालने जैसा साबित हो रहा है ..लेकिन मजबूरी जो है रिया कर ही क्या सकती है ? क्योंकि यह जेल व कानून का सेल है सुशांत व खुद का विलासता पूर्ण आलीशान इमारत व बंगला नहीं न्यायालय की इजाजत के बाद भी सेल में टेबल फैन दी जा सकती है किन्तु सीलिंग फैन किसी सूरत में भी दिए जाने की दूर दूर तक कोई गुंजाइश सम्भव प्रतीत नहीं दिख रहा है सूत्रों के मोताबिक नए सेल में शिफ्ट होते रिया की तबीयत काफी बिगड़ गई जेल प्रशासन द्वारा जेल में ही उसका उपचार करवाया जा रहा है सूत्रों के मुताबिक रिया कभी रोती तो कभी चीखने चिल्लाने, कभी हंगामा मचाने और कैदियों व जेल कर्मी को देख गाना गुनगुनाने तो कभी नाज नखरे तो कभी हेकड़ी बघारने लगती है. रिया अपने आप पर नियंत्रण नही रख पा रही है जेल प्रशासन भी रिया की अजीबोगरीब हरकतों से सक्ते में ही नही काफी डरा बुआ भी है. रिया द्वारा किसी अप्रिय संभावना के ध्यान में रखते हुए रिया की चौकसी बढ़ा दिया है.फूल टाइम निगरानी के लिए दो जेल महिला आरक्षियों को तैनात कर दिया गया है जेल प्रशासन की तो बात इत्तर महिला कैदी भी रिया को इंसानियत मर्यादा और अनुशासन का पाठ पढ़ा रहे हैं .आवश्यकता के अनुसार रिया की अकड़ हेकड़ी भी ताक पर रखवा रहे हैं इसी को वक्त का खेल व मार कहा जाता है.

जमानत की रणनीति में रिया कर रही है अजीबोगरीब हरकत जिसका शक था वही हुआ

रिया चक्रवर्ती ड्रग्स कनेक्शन के चार्ज में 21 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में है उसे भायखला जेल के एक सेल में विशेष सुरक्षा व्यवस्था में रखा गया है. एनसीबी उससे गहन पूछताछ कर रही है अंदर से टूटी रिया ड्रग सिंडिकेट के बारे में अहम खुलासे कर रही है इससे वृक्ष के कारोबार से जुड़े कई दिग्गज शख्सियतों की सांसें ऊपर नीचे हो रही है.संदिग्ध शख्सियत रिया को जेल में रहना अपने सेहत के लिए नुकसानदेह व खतरे की घंटी मान रहे हैं. इधर रिया भी जेल से कैसे पिंड छूटे रणनीति में पूरा दिमाग खपा रही है. रिया के अपराधिक चरित्र पर रोज होते नए-नए खुलासे से रिया तेजी से कानून व अदालत के कठघरे में पहुच रही है जेल की सलाखों संभावना भी तेज हो रही है इस है और चिंता में रिया की मानसिक स्थिति अजीबोगरीब हो गई है. वह किसी भी प्रकार जमानत पाने को लेकर उतावली बनी हुई है. तरह तरह का नाटक कर रही है जो एनसीबी जेल प्रशासन न्यायालय के संज्ञान में भी है और ये सरकारी एजेंसी रिया और उसके समर्थकों की चाल को बखूबी समझ रही है जेल प्रशासन को भी शक है की जमानत व जेल से छुटकारा पाने के लिए रिया किसी भी हद तक जा सकती है कुछ भी कर सकती है इससे जेल प्रशासन पूरी तरह सतर्क और चौकस है सुरक्षा के कारणों को लेकर रिया पर 24 घंटे की निगरानी रखी जा रही है .

वकील से मिलने के बाद रिया ने दीवाल से टकरा कर फोड़ा अपना सिर

वकीलों के लाख दलील के बाद भी कोर्ट ने रिया की जमानत याचिका दो बार खारिज कर चुकी है . बावजूद जमानत का प्रयास जारी है इसे लेकर रिया का वकील जमानत याचिका का मामला लेकर सोमवार को रिया चक्रवर्ती से भायखला जेल में मिला. दोनों वकील के चले जाने के कुछ ही देर बाद रिया चीखने चिल्लाने लगी बेहोश होने लगी उसके सिर में चोट लगी थी .जेल प्रशासन ने इलाज जेल के डॉक्टर से करवाया रिया जेल से बाहर अपने इलाज के लिए जिद करने लगी ,जेल प्रशासन रिया के सिर में लगी चोट की सही परीक्षण एवं आवश्यकता अनुरूप इलाज के लिए सीटी स्कैन वगैरह कराने के बिंदु पर विचार कर रहा है जेल प्रशासन दावा है कि जेल में उसके वकील के सिवा रिया से कोई नहीं मिला रिया 24 घंटे निगरानी में है. प्राप्त सूत्र के मुताबिक वकील से गुफ्तगू के दौरान जेल से बाहर होने के लिए कोर्ट से जमानत पाने की रणनीति में रिया ने सेल के दीवार से अपना सिर टकराकर खुद ब खुद जख्मी कर लिया ताकि इलाज के नाम पर जेल से बाहर सांस ले सके और न्यायालय को भी उस पर सहानुभूति बन सके. न्यायालय इसे किस रूप में लेती है और उसकी जमानत याचिका पर क्या रुख अपनाती है यह तो न्यायालय पर निर्भर है किंतु रिया को समझना चाहिए कि एनसीबी और न्यायालय रिया की हर चाल को बखूबी समझ रहा है . आगे क्या होता है इसे बताना फिलहाल जल्दीबाजी होगी .

गैर तो गैर अपने भी बदल रहे पाला छोड़ रहे साथ

कहावत है कि बड़ा से बड़ा तैराक भी जब खुद पानी में डूबने लगता है तो दूसरे को बचाना छोड़ खुद बचने की जुगाड़ में लग जाता है रिया चक्रवर्ती के साथ भी बहुत हद तक यह उक्ति चरितार्थ हो रही है. कल तक उसके कदम कदम पर साथ देने वाले रहनुमा हमसफर नेता ड्रग सिंडिकेट के पैडलर बालीवुड के कथित दिग्गज सिलेब्स यहां तक कि उसका भाई शोविक भी कानून की धार के आगे नतमस्तक होकर खुद अपनी दुहाई देने में लगे हुए हैं प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रिया से दूरी बनाए रखने में ही अपना खैर मान रहे है. सूत्र के मुताबिक इनमें तो कई सरकारी गवाह बनने की होड़ में भी लगे हैं महाराष्ट्र सरकार मुंबई पुलिस और बॉलीवुड के कथित दिग्गज
आका व सेलिब्रेट अपनी गिरेबान बचाने में गाढ़ा पसीना बहा रहे हैं ,वही एनसीबी के रडार पर बने बॉलीवुड के दिग्गज अपने छुपने के लिए बिल तलाश रहे है ऐसे में रिया चक्रवर्ती का निराश हताश होना बिल्कुल स्वाभाविक है ,चुकि रिया अब बिल्कुल अकेली पड़ गई है चारों तरफ उसे अंधेरा ही अंधेरा नजर आने लगा है .जस्टिस ऑफ गॉडेस की भी दृष्टि उसपर वक्र बनी हुई है करोड़ों देशवासियों टीवी चैनलों और सोशल मीडिया के लगातार प्रहार से रिया चक्रवर्ती का हिम्मत साहस करीब करीब जवाब दे दिया है और तन्हाई के आलम में वह धीरे-धीरे सत्य दर सत्य उगलने लगी है किन्तु मौका मिलते व पाते पैंतरा बदलने व गिरगिट की तरह रंग बदलने से भी बाज नही आ रही है जबकि उसे करीब करीब आभास व समझ में आ गया है कि अब झूठ प्रपंच व तिकड़म के नाव पर सवार होकर बेड़ा पार उतरना मुश्किल ही नही नामुमकिन है. ऐसे भी सर्वसम्मत है कि वक्त का पहिया हमेशा एक जैसा नहीं होता .ऐसे भी प्रचलित कहावत है कि आफ़्ती मरे तो खुदा क्या करे ? सत्यमेव जयते !

वरिष्ठ पत्रकार व स्तंभकार प्रो0 धीरेंद्र नाथ सिंह

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