संपूर्ण देश लॉक डाउन में है, बने हालात में सबसे ज्यादा परेशानी कठिनाइयों का सामना गरीब तबके के लोगों को उठाना पड़ रहा है .लंबी होती जा रही लॉक डाउन लोगों में भविष्य के प्रति संशय व भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है खबरें लगातार आ रही हैं लोग घर पहुंचने के क्रम में लगातार दुर्घटनाग्रस्त हो मर रहे हैं, घायल हो रहे हैं .अभी हाल में ही बड़ी दुर्घटना महाराष्ट्र औरंगाबाद में घटी जहां 16 मजदूर रेल के पटरी पर मौत की आगोश में सो गए, बावजूद इसके पैदल, साइकिल, टेंपो, ट्रक,. रेल की पटरीओं को माध्यम बनाकर जैसे भी हो प्रवासी घर पहुंचना चाहते हैं.. अभी हालिया घटना में झारखंड जिला हजारीबाग के चौपारण प्रखंड के रहने वाले 16 लोग मुंबई से वापस अपने घर पहुंचने के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गए.
मध्य प्रदेश के मैहर में ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हो गई
परिवार समेत लौट रहे थे श्रमिक, घायल है ,सभी सुरक्षित हैं


चोपारण/ हजारीबाग: कोविड 19 से लगातार गरीब तबके को परेशानी झेलना पड रहा है। प्रदेशों से बडी संख्या में श्रमिक अपने खर्च से घर वापसी कर रहे हैं। ऐसे ही चौपारण प्रखंड के सोलह लोग वाहन दुर्घटना में प्रदेश में घायल हो गये हैं। खबर है कि मुंबई से लौटने के क्रम में मध्य प्रदेश के मैहर में वाहन दुर्घटना ग्रस्त हो गया। सुदूर पंचायत भगहर व रामपूर के 16 प्रवासी मजदूरों के घायल होने की सूचना सामने आई है । खबर है कि सभी आपस में राशि एकत्रित कर मुंबई से एक आईसर ट्रक से घर लौट रहे थे। इसी क्रम में मैहर के समीप चालक की लापरवाही से दूसरे वाहन में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी । जिसमें ट्रक पर सवार कई मजदूर घायल हो गए । स्थानीय अस्पताल में सभी को इलाज के लिए लाया गया ।

घायलों में …

चौपारण प्रखंड के उमेश कुमार यादव ग्राम अमजर, सकलदेव यादव ग्राम कांटी , सुनीता देवी ग्राम कांटी , शशि यादव ग्राम भंडार , शंकर यादव ग्राम भंडार , नरेश कुमार यादव ग्राम भंडार, सुचिता यादव ग्राम भंडार , नैंसी यादव ग्राम भंडार , महेंद्र यादव ग्राम भंडार , उपेंद्र यादव, कृष्णा यादव , राजकुमार गुप्ता , प्रकाश यादव, नरेश यादव, महेंद्र यादव आदि शामिल है । इसमें कई बच्चे भी शामिल हैं ।

घर वापसी को लेकर फिलहाल कोई सुविधा बहाल नहीं हुई है, झारखंड में परिजन परेशान हैं..

घायलों के परिजनों ने बताया कि मोबाइल से उन्हें दुर्घटना के संबंध में जानकारी मिली । इसके बाद लगातार परिजनों की सुध लिया जाने लगा। हालांकि मैहर में वहां के संबंधित सरकार ने सभी का स्थानीय अस्पताल में इलाज कराया है । परंतु उनके घर वापसी को लेकर किसी तरह की सुविधा अभी तक उपलब्ध नहीं हो पाई है। इससे चौपारण स्थित सभी परिजनों में काफी चिंता का माहौल बना हुआ है। परिजन बताते हैं कि सभी को चोटें आई हैं । किसी के पैर टुट गये हैं तो कुछ के हाथ में चोट है। हांलाकि सभी खतरे से बाहर हैं। यदि प्रशासन उनके लिए वाहन का प्रबंध कर दें तो सभी को काफी सहूलियत होगी।

घर लौटने की चाहत है नरेश..

भंडार निवासी नरेश यादव अपने बच्चों व पत्नी के साथ घर वापस आ रहे थे। उन्होंने बताया कि एक तो कोरोना को लेकर परेशानी थी, अब दुर्घटना हो गई। ऐसे में घर कैसे लौटें इसकी चिंता है। साथ में उसकी छः साल की बेटी सुचिता भी थी। इधर भंडार में उसके भाई प्रदीप यादव ने राज्य सरकार से एंबुलेंस भेजकर परिजनों को बुलाने की मांग की है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here