चंद रुपयों में यहां बिक जाती है लड़कियां , एशिया का सबसे बड़ा रेड लाइट एरिया है बंगाल (कोलकाता )का सोनागाछी , जानकर कांप जाएगी रूह

एशिया का सबसे बड़ी रेड लाइट एरिया सोनागाछी है ,जो कोलकाता में अवस्थित है .कहा जाता है कि पूरे एशिया में देह व्यापार के लिए सबसे ज्यादा लड़कियां सोनागाछी से ही जाती हैं .यौन कर्मियों और ग्राहकों की संख्या की दृष्टि से यह एशिया की सबसे बड़ी रेड लाइट एरिया है . सोनागाछी एक स्लम एरिया है . इसकी गलियां और चौराहे ,रहन सहन, परिवेश और आबोहवा दूसरे एरिया से जुदा है .

12 हजार महिलाएं सेक्स वर्कर

वर्ष 2018 में संग्रहित आंकड़ों के मुताबिक यहां करीब 12 हजार महिलाएं सेक्स वर्कर के तौर पर काम करती हैं यहां हर उम्र की महिलाएं इस काम में लिप्त हैं इसमें ज्यादा लड़कियां 18 साल से भी कम उम्र की हैं.

हर साल 1000 से ज्यादा की संख्या में यहां आती है महिलाएं

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हर साल यहां लगभग 1000 से भी ज्यादा की संख्या में महिलाएं सोनागाछी में पैर रखती हैं .एक बार अंधेरी दुनिया में पैर रखने के बाद उनकी सारी जिंदगी इसी सोनागाछी के चहारदीवारी में ही कट जाती है .

कुछ लोग इन्हें दया तो कुछ घृणा भरी नजरों से देखते हैं

यौनकर्मी इन्हें अलग अलग नजरों से देखते हैं .कुछ इन्हें दया की दृष्टि से तो कुछ हिकारत व घृणा भरी नजरों से इन्हें देखते ,आंकते हैं . लेकिन इनकी वास्तविक जिंदगी कितनी दर्दभरी है , इसकी कल्पना व बयां शब्दों में नहीं किया जा सकता .यह सोच से परे और रूह को कंपा देने वाली है . वर्ष 2018 के आंकड़े के मुताबिक मात्र ₹130 में यहां बिक जाती हैं सेक्स वर्कर व महिलाएं .

जिंदा लाश बनकर रहती है सेक्स वर्कर

सोनागाछी में व्यापार से जुड़ी लड़कियां व महिलाएं की अपनी कोई इच्छा चल पाने की बात तो अपनी इच्छा से मर भी नहीं सकती .ये जिंदा लाश की तरह होती हैं .कोठे की संचालिका और तथाकथित इनकी अम्मा की इच्छा ही सर्वोपरि होता है और ये उसके हाथ की कठपुतली होती है .वह जैसा चाहती है वैसे नाचना इनकी मजबूरी होती है .वरना खैर नहीं की स्थिति बन जाती है . सूत्रों को माने तो ग्राहक पसंद करने का भी अधिकार इन्हे नहीं मिलता है . संचालिका व तथाकथित अम्मा जिसके आगे परोस देती हैं उसका ही निवाला बनना पड़ता है .देह व्यापार से मिले पैसे का कुछ अंश ही इन्हें नसीब हो पाता है और विशेष रकम संचालिका व इनके तथाकथित अम्मा की तिजोरी में चला जाता है . किसी को अपना जीवन साथी बनाना व इससे अलग घर बसाना संचालिका की नजरों में बड़ा गुनाह माना जाता है और इसके लिए दंडित भी किया जाता है . संचालिका के गुर्गे इन पर कड़ी नजर रखते है व कड़ी पहरेदारी वाकडी चौकसी करते रहते हैं .

कुछ तो इच्छा से और कुछ जबरन धकेल दिए जाते हैं इस नर्क में

सेक्स वर्करों में कुछ तो अपनी इच्छा और जरूरत के तहत इस नारकीय पेशे में आती हैं . वहीं कुछ लड़कियां व महिलाएं अगवा कर दलालों द्वारा मोटी रकम पर संचालिका के हाथों उनकी इच्छा के विरुद्ध बेच दी जाती हैं .सूत्रों को मानें तो इसमें कई स्कूल की लड़कियां भी होती है व इस घृणित धंधे में झोंक दी गई हैं .

अब सुप्रीम कोर्ट के रडार पर सोनागाछी

इस जिस्मफरोशी के धंधे में जबरन धकेल दिए जाने से संबंधित सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका को कोर्ट ने काफी गंभीरता से लिया है और केंद्र सरकार , बंगाल सरकार ,महिला आयोग और नगर निगम से इस पर जवाब तलब किया है , ताकि इस पर ठोस पहल किया जा सके . ऐसी इस नारकीय जिस्मफरोशी के धंधे में जबरन धकेली गई सेक्स वर्कर अपने उद्धार व मुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश का बेसब्री से इंतजार कर रही है .

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