सुंदरपहाड़ी प्रखंड के कैरासोल पंचायत में बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत आम बागवानी के लिए गड्ढे की खुदाई करते मनरेगा मजदूर

घर वापसी कर रहे हैं प्रवासी मजदूरों के लिए रोजगार की संभावनाओं को तलाशने के मद्देनजर राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं में शामिल है बिरसा हरित ग्राम योजना. योजनांतर्गत राज्य की दो लाख एकड़ से अधिक सरकार के परती भूमि का वनीकरण करना है. योजना के तहत फलदार वृक्षों को लगाकर 3 वर्ष के बाद ग्रामीणों के लिए ₹50000 वार्षिक आय उपार्जन की है.

3 कल्याणकारी योजना..

मालूम हो हाल में ही झारखंड प्रदेश के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में 3 कल्याणकारी योजना बिरसा हरित ग्राम योजना, नीलांबर पितांबर जल समृद्धि योजना और पोटो हो खेल विकास योजना को लॉन्च किया है. इस योजनाओं के तहत राज्य के ग्रामीण विकास विभाग ने 25 करोड़ मानव दिवस के सृजन का लक्ष्य रखा है, इसके लिए 20,000 करोड़ रुपये आबंटित किये गये हैं.

राजनीति का अवसर भी है और चुनौतियां तो है हीं

प्रदेश के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन घर वापसी कर रहे प्रवासी मजदूर की समस्याओं और राज्य के सीमित संसाधनों को लेकर लॉकडाउन की अवधि में चिंता व्यक्त करते रहे हैं. रोजगार सृजन एवं भविष्य को लेकर संसाधनों को जुटाना आपदा की घड़ी में सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी. राज्य में लॉक डाउन में फंसे 4 लाख से अधिक प्रवासी मजदूर लौट चुके हैं और बड़ी संख्या में लौटने वाले हैं. शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक रोजगार सृजन करना, रोजगार की संभावनाओं को तलाशना, गरीब आवाम के लिए बुनियादी सुविधाओं को बहाल करना, ठंडी पड़ी औद्योगिक गति को तेजी देना, सरकार की तमाम कार्य योजनाओं को जमीन पर उतारना खासकर तब जब कोरोना संक्रमण की रफ्तार झारखंड में बढ़ती जा रही है सरकार के लिए बहुत बड़ा राजनीतिक अवसर भी है और चुनौतियां तो है हीं.

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