वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम के लिए केंद्र से लेकर राज्य सरकार तक अपने-अपने दावे करती रही है. कोरोना संक्रमण के बीच आर्थिक गतिविधियों का संचालन रोजगार के उपाय जैसे तमाम अहम मुद्दों पर पक्ष विपक्ष की राजनीति परवान चढ़ती रही है. झारखंड में भी सियासत गरमाई हुई है ,आए दिन तमाम मुद्दों पर रस्साकशी देखने को मिलती है, ताजा मामला में भाजपा ने हेमंत सरकार पर ट्विटर से कोविड-19 की लड़ाई लड़ने का तंज कसा है.

रांची : झारखंड भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य की हेमंत सरकार को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया सरकार कोरोनावायरस के संक्रमण से निपटने के हर मोर्चे पर विफल है. कोविड-19 से निपटने के लिए ट्विटर और काल्पनिक दुनिया मे ही सारे इंतजाम है, सरकार के दावे और जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग हैं .उन्होंने कहा सरकार ने हिंदपीढ़ी की नाकेबंदी की थी और वहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता के दावे किए थे इसके इतर हकीकत से दूर नाकेबंदी सिर्फ ट्विटर पर रही, जबकि लोग हिंदपीढ़ी से निकालकर प्रदेश के दूसरे जिलों में जाते रहे.

व्यवस्थाओं का आलम ऐसा है लोग पैदल हैं सरकार ट्विटर पर ..

सांकेतिक

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि सरकार ने आभासी दुनिया में सारे इंतजाम कर रखे हैं जबकि प्रवासी मजदूरों के लिए निर्धारित केंद्रों से लचर व्यवस्थाओं की शिकायत लगातार आती रही है. समाचार एजेंसियों के हवाले से व्यवस्थाओं का आलम ऐसा है श्रमिकों को स्टेशन पर घंटों बसों का इंतजार करना पड़ रहा है. वहीं राजे सरकार ने ट्विटर पर रेलवे से लेकर बस स्टैंड तक सारी व्यवस्थाएं कर रखी है. बुनियादी जरूरतें भोजन पानी के लिए लोग त्राहिमाम है. पैदल चलने वालों के लिए भी व्यवस्थाएं नाकाफी है, ट्विटर पर सरकार ने राज्य में पैदल चलने वाले श्रमिकों के लिए व्यवस्था कर दी है जबकि जमीनी हकीकत बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर सड़कों पर पैदल चलते दिख रहे हैं और भाजपा इनके राहत इंतजाम में जुटी है, बसों में सामाजिक दूरी जैसे अहम नियमों का पालन नहीं हो रहा है.

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