केरल के मलप्पुरम से क्रूरता की ऐसी हदें पार की गई जिस पर एक पल में यकीन कर पाना मुश्किल है खाने की तलाश में भटकी गर्भवती हथिनी को जिस हैवानियत से मारा गया और जिस हालात में वह मरी है यह सब इंसानों की बस्ती में ही होता है..

गर्भवती हथिनी रास्ता भटक जंगलों से रिहायशी इलाके में इंसानों के बीच आ गई बस यही गलती हो गई. बताया गया उसने कोई घर नहीं तोड़ा किसी का कोई नुकसान नहीं पहुंचाया .लेकिन बेचारी उस गर्भवती हथिनी के साथ वह अमानवीयता,  क्रूरता, असंवेदनशीलता हर किसी का दिल तोड़ गया, सोचने पर मजबूर कर गया; इंसानों के वेश में हैवानियत की हर हद पार करने वाले हमारे बीच में ही तो रहते हैं हमारे और आपके जैसे ही तो दिखते हैं, कितने बीमार कितने विकृत मानसिकता से ग्रसित दैत्य रूपी मानव जिसने खाने के नाम पर अनानास फल में पटाखे लगाकर हथनी को खिला दिया. बस एक पल के लिए रुक जाइए क्या इंसान क्या जानवर सभी तो खाने के लिए ही भटक रहे हैं शायद वह हथिनी भी खाने के तलाश में इंसानों के बीच रिहायशी इलाके में भटक कर आ गई और इंसानी फितरत छल कपट और धोखे का शिकार हुई.अनानास में पटाखे बम के साथ अनार वाले पटाखे डाले गए थे जो हथनी के मुंह में फट गया तड़प तड़प कर दर्दनाक तरीके से हथिनी की मौत हो गई.

हाल में ही घटी घटना से  हर किसी का दिल भर आया. 18 से 20 महीने का बच्चा हथिनी के गर्भ में था पानी के बीच खड़ी हथिनी के दर्दनाक मौत पर बॉलीवुड स्टार पॉलीटिशियन आम जनता हर कोई उस दरिंदे के दरिंदगी के लिए सजा दिलाना  चाहता है.

बताया गया पटाखे फटने के बाद हथिनी का जबड़ा मुंह पूरी तरीके से जल गया था, दर्द से छटपटाती तड़पती राहत पाने के लिए पानी में उतर गई थी. पटाखे के असहनीय जलन से राहत पाने के लिए हथिनी ने सूढ़ को पानी में डुबाए  रखा था, फॉरेस्ट रेस्क्यू टीम को खबर मालूम होने पर हथिनी को मदद पहुंचाने की कोशिश भी की गई दो हाथी की मदद से राशियों के सहारे खींच कर बाहर निकालने की कोशिश भी की गई लेकिन वह बाहर नहीं आई पानी में खड़े खड़े ही हथनी में दम तोड़ दिया.

क्या इंसान क्या जानवर मां की माया और ममता अपने बच्चों के लिए कभी शब्बो की मोहताज नहीं रही. शायद पानी में खड़ी दर्द से कराहती मौत के अंतिम क्षणों में जब लोग उसे बचाने की कोशिश कर रहे थे हथिनी पानी से बाहर नहीं निकली, पता है क्यों शायद उस वक्त भी उसे गर्भ में पल रहे अपने बच्चे का ख्याल आया होगा और दुबारा से वह इंसानों के बीच नहीं जाना चाहती थी..

रेस्क्यू टीम के फॉरेस्ट ऑफिसर कृष्णन लिखते हैं.

..हर कोई हैरान था. बल्कि आस-पास के हाथी भी दुखी थे, उनकी आंखों में आंसू थे. जिस डॉक्टर ने हथिनी का पोस्टमार्टम किया वो ये देखकर रो दिया कि हथिनी गर्भवती थी और उसके साथ ही उसके बच्चे को भी मार दिया गया..

चित्र सौजन्य@ सोशल मीडिया

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