क्या बोली केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ?

बढ़ती कीमतों के मसले पर बेबाक टिप्पणी से परहेज कर रही है वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

थम नहीं रहा डीजल पेट्रोल की कीमत में रिकॉर्ड वृद्धि का मसला

विपक्षी पार्टियों विशेष रूप से कांग्रेस पार्टी के लाख विरोध के बाद भी डीजल पेट्रोल की कीमत घटने के बजाय अपेक्षाकृत बढ़ती ही जा रही है. देश की राजधानी दिल्ली में डीजल की कीमत 80 .60 रुपए और पेट्रोल की कीमत 90 .16 रुपए प्रति लीटर रिकॉर्ड हुई. कहीं-कहीं तो एक लीटर पेट्रोल के लिए ग्राहकों को ₹100 तक जेब से खाली करना पड़ा . दृष्टिगोचर तौर पर डीजल पेट्रोल की कीमत में लगातार रिकॉर्ड वृद्धि का प्रतिकूल असर केवल बड़े लोगों पर ही नहीं आम लोगों पर भी ज्यादा दिख रहा है और डीजल पेट्रोल की कीमत में लगातार रिकॉर्ड वृद्धि से चारों ओर उबाल का आलम बना हुआ है . इसका बड़ा कारण केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोलियम पदार्थ पर लगाया गया उत्पाद शुल्क ,वैट टैक्स आदि कर माना जा रहा है , विपक्षी पार्टियां भी आम जरूरत की डीजल पेट्रोल की लगातार आसमान छूती कीमत आम हित के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेवार ठहराते हुए डीजल पेट्रोल की कीमत कम करने के प्रति जोरदार आवाज उठा रहे हैं . केंद्र सरकार अभी तक अपने स्टैंड पर ही कायम है .

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने क्या की है टिप्पणी ?

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन पेट्रोल डीजल की कीमत में हो रही लगातार रिकॉर्ड वृद्धि से जुड़े सवालों से रूबरू हो रही हैं , किंतु कोई बेबाक टिप्पणी से पूरी तरह परहेज कर रही हैं . इनका सीधा जवाब है कि इसपर फिलहाल कोई टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी , यह धर्म संकट का विषय है . केंद्र सरकार की राय से ही कुछ बोलना व्यवहारिक ठहरता है .

डीजल पेट्रोल की कीमत में लगातार हो रही रिकॉर्ड के प्रश्न पर किसी बेबाक टिप्पणी से परहेज करती केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने कहा..

प्रश्न का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि पेट्रोल डीजल पर केंद्र सरकार जो उत्पाद शुल्क लगाती है उसका 41% भाग राज्य सरकारों को भी जाता है . राज्य सरकारें भी अलग टैक्स लगाती हैं . डीजल पेट्रोल की कीमत में वृद्धि के अन्य कई महत्वपूर्ण कारण भी है . इस हिसाब व आधार पर पेट्रोल डीजल की कीमत में हो रही रिकॉर्ड वृद्धि के लिए केवल केंद्र सरकार को ही जिम्मेवार ठहराया जाना उचित व युक्तिसंगत नहीं ठहरता . डीजल पेट्रोल की कीमत का बढ़ना केवल केंद्र सरकार जिम्मेवार नहीं है . इसके लिए राज्य सरकार में भी समान रूप से जिम्मेदार है. इसके समाधान के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को आपस में बैठकर बात करनी होगी ,तभी इस समस्या का उचित समाधान संभव हो सकता है .

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पेट्रोलियम पदार्थ की कीमत कम होने का दे रहे है आश्वासन

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान रोजमर्रा की जरूरत पेट्रोल डीजल की कीमत में लगातार हो रही रिकॉर्ड वृद्धि का कारण कच्चा तेल निर्यातक देशों में कच्चा तेल के उत्पादन में लाई गई कमी बता रहे हैं , वही टैक्स में कमी की संभावना से इकार भी कर रहे हैं इसके पीछे दलील है कि उत्पाद शुल्क देश के राजस्व लाभ का बड़ा हिस्सा है . दूसरी ओर जल्द ही पेट्रोल डीजल की कीमत में जल्द ही कमी करने का आश्वासन भी दे रहे हैं .

क्या है आम प्रतिक्रिया

डीजल पेट्रोल की कीमत में लगातार हो रही रिकार्ड वृद्धि के संबंध में आम प्रतिक्रिया है कि यह पेट्रोलियम पदार्थ रोजमर्रा की जरूरत है . इसकी कीमत में लगातार रिकॉर्ड बढ़ोतरी का विशेष रुप से असर आम तबके के ग्राहकों पर पढ़ रहा है . इनके विकास से लेकर व्यवसाय एवं सकल घरेलू कार्य भी प्रभावित बना हुआ है. डीजल पेट्रोल की खरीद पाना आम लोगों के पॉकेट व औकात से परे बना हुआ है . राजनीतिक व विपक्षी पार्टियां इस मसले को राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में किस रूप से ले रही है इससे आम लोगों का कोई लेना देना व कोई सरोकार नहीं है . किंतु डीजल पेट्रोल की कीमत में लगातार हो रहे रिकॉर्ड वृद्धि पर नियंत्रण लगाना लोक आम हित में केंद्र सरकार की ही विशेष जिम्मेवारी बनती है .

न्यूजरूम :वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार प्रो० धीरेंद्र नाथ सिंह

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