याद रहे हमें बीमारी से लड़ना है बीमार से नहीं . उनसे भेदभाव ना करें ‘ – – – –

आवाज जो देश की पहली बात व जरूरत बन गई है ! जाने कौन व किसकी है यह आवाज ?

” कोविड-19 से आज पूरा देश लड़ रहा है . मोबाइल का यह कॉलर ट्यून “याद रहे हमें बीमारी से लड़ना है बीमार से नहीं . उनसे भेदभाव ना करें ‘ – – – – कानों में कौंधने लगता है.शहद घोलने लगता है ,मगर हम लोगों में से शायद ही लोग जानते हैं कि यह सुरमई आवाज किसकी है .तो जानिए यह हृदयस्पर्शी , कर्णप्रिय व कानों में शहद घोलने वाली यह आवाज किसी और की नहीं वॉयस ओवर आर्टिस्ट व जादुई आवाज की मल्लिका जसलीन भल्ला की है . जसलीन की आवाज दिल्ली मेट्रो में भी सुनी जा सकती है .

जसलीन को खुद पता नहीं था कि उनकी आवाज पूरा देश सुनेगा

बक़ौल जसलीन यह कोरोना कॉलर ट्यून भारत सरकार की पहल थी . एक दिन उन्हें अचानक कोविड-19 से संबंधित संदेश को रिकॉर्ड करने के लिए कहां गया . उन्होंने संदेश रिकॉर्ड तो कर दिया ,लेकिन उन्हें इसके इस्तेमाल के बारे में कुछ ज्यादा जानकारी नहीं थी . जसलीन का कहना है अचानक एक दिन मेरे दोस्त और रिश्तेदार ने फोन पर इसकी जानकारी देते हुए बताया कि तुम्हारा रिकार्ड किया गया कोरोना कॉलर ट्यून को आज पूरा देश सुन रहा है . पहले तो वह खुद हैरान हो गयीं . अपने कानों पर यकीन नही हुआ . जब इसकी पुष्टि हुई तो दिल को तसल्ली व राहत मिला कि कोविड-19 कोरोनावायरस महामारी संक्रमण से देश व समाज के हित में कुछ कहने बोलने का सौभाग्य तो प्राप्त हुआ .

वर्षों से सोशल मीडिया से जुड़ी है वॉयस ओवर आर्टिस्ट जसलीन

वॉयस ओवर आर्टिस्ट जसलीन काफी वर्षों से मीडिया से जुड़ी हुई है .सोशल मीडिया पर छाई हुई रहती हैं . डोकोमो ,हार्लेक्स और स्लाइस मैंगो ड्रिंक के विज्ञापन प्रचार की आवाज जसलीन ने ही दी है . कोरोनावायरस कॉलर ट्यून और इन कंपनियों के प्रचार का विज्ञापन स्वर को गौर से सुनने पर खुद ब खुद यह रहस्य व तस्वीर साफ हो जाती है कि कोरोना कॉलर ट्यून की आवाज वॉयस कॉलर आर्टिस्ट जसलीन की ही है .

आवाज मरती नहीं ,गर याद रहे

मशहूर हिंदी फिल्म “किनारा ‘ का कोकिल कंठी लता मंगेशकर की आवाज में यह प्लेबैक सॉन्ग “नाम गुम जाएगा , चेहरा यह बदल जाएगा , मेरी आवाज ही पहचान है ,गर याद रहे ‘ इस बात का द्योतक है कि आवाज का मालिक मर जाता है ,किंतु उसकी आवाज कभी नहीं मरती .उसकी आवाज ही उसकी पहचान को अमर बनाये रखती है . उदाहरण के तौर पर बीबीसी के संचालक सह अनाउंसर अमीन सयानी सहित अन्य कई फिल्मी कलाकार , उद्घोषक आज हमारे बीच नहीं है , लेकिन उनकी जादुई आवाज आज भी उनकी पहचान पहचान हमारे बीच बनाए हुए हैं .


सर्वविदित है कि आवाज से इंसान क्या पशु पक्षियों की भी पहचान होती है .

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