झारखंड लॉकडाउन; लोगों से अपील…….

सरकार ने विश्वव्यापी नॉवेल कोरोना वायरस महामारी के संक्रमण से आमजनों की सुरक्षा व बचाव को ध्यान में रखते हुए देश में कई राज्यों के साथ साथ 31 मार्च तक झारखंड और बिहार में सभी शहरों को लॉक डाउन कर दिया गया है .

इस दौरान आवश्यक सेवाओ को छोड़ सभी कार्यालय बंद रहेगा.राज्य भर में सभी प्रकार के तीन पहिया चौपहिया सेवा वाहन का परिवहन पर रोक रहेगा.. मरीजो को अस्पताल तक परिवहन की सुविधा को इस प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है. सभी दुकान व्यवसायिक प्रतिष्ठान कार्यालय फैक्ट्री गोदाम और साप्ताहिक हाट बाजार भी बंद रहेंगे. सारा निर्माण कार्य भो स्थगित रहेगा. धार्मिक स्थल भी श्रद्धालुओं व दर्शनार्थियों के लिए प्रतिबंधित रहेगा. इसके पीछे एकमात्र मुख्य प्रयोजन व मकसद राज्य वासियो को कोरोना वायरस के संक्रमण से सुरक्षित रखना और राज्य को इसके प्रभाव प्रसार से मुक्त बनाये रखना है प्रशासन पुलिस को लॉक डाउन को शत प्रतिशत सुनिश्चित करवाने की जिम्मेवारी भी सौपी गई है


व्यावसायिक प्रतिष्ठान ,दुकान ,फैक्ट्री ,गोदाम ,व्यवसायिक सेवा वाहनों व निर्माण कार्यों पर लॉक डाउन से सर्वाधिक प्रभावित डेली आधारित व्यवसाय पर निर्भर आजीविका से जुड़े व्यवसायी व दिहाड़ी मजदूरी पर आश्रित चूल्हा चौका से जुडे दिहाड़ी मजदूर व कामगार होंगें..इससे इनका चिंतित व अधीर होना भी स्वभाविक है ,चूंकि रोजी रोटी के जुगाड़ का जो सवाल है. किंतु सभी के जीवन की सुरक्षा के लिए लॉक डाउन भी एक अनिवार्य विकल्प है.

इसे ध्यान में रखते हुए स्वयं और पूरे राज्य व राज्यवासियों के हित मे इससे चिंतित उतावला व असमंजित होने से ज्यादा पूरी समझदारी के साथ इसकी सफलता सुनिश्चित करवाने में परस्पर सहयोग करना व साथ निभाना जरूरी है. किसी आपदा से संघर्ष में आमजन का नैतिक सहयोग व साझेदारी निहायत जरूरी होता है ।साथ ही यह आम नागरिकों का कर्तब्य और दायित्व भी बनता है…जरूरत है तात्कालिक नफा नुकशान की चिंता छोड़ स्वस्थ्य ,सुरक्षित जीवन को गंभीरता से प्राथमिकता देने की.


आम गरीब जरूरमंद के दुखते रग पर मरहम पट्टी लगाकर व पूरी सम्बेदनशीलता के साथ इन्हें अधीर व चिंता से रहित बनाये रखने की मानवीय जिम्मेवारी सरकार ,प्रशासन ,पुलिस व सरकारी महकमे के हर इकाई की भी बनती है.

साथ ही राज्य सरकार को अविलंब वैसे गरीब, मजदूरों के लिए ठोस एवं प्रभावी निर्णय लेनी चाहिए, जिनकी रोजमर्रा की जिंदगी दिहाड़ी पर चलती है… आर्थिक सहयोग एवं बुनियादी सुविधाएं की जरूरत है…..

लॉकडाउन को सफल बनाने की इस अग्निपरीक्षा में सख्त , दण्डात्मक कार्रवाई या कानूनी जोर आजमाइश की भी जरूरत हो तो जनहित में जरूरी है. साथ ही सकारात्मक सोच के साथ सरकार के दिशा निर्देशों का पालन व खुद को भी और दूसरों को भी भीड़-भाड़, सोशल डिस्टेंसिंग से अलग रहने को प्रोत्साहित करना, कुछ दिनों तक एकांतवास घर में ही रहना निश्चित रूप से कोरोना के खिलाफ लड़ाई में श्रेष्ठकर हथियार होगा… जिसकी अपील दैनिक खबर की पूरी टीम करता है ..

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